पवित्र छड़ी यात्रा 2026 पिथौरागढ़ पहुंची, आदि कैलास और ऊं पर्वत के दर्शन के बाद हुआ भव्य स्वागत
पंच दशनाम जूना अखाड़ा की पवित्र छड़ी यात्रा 2026 उत्तराखंड के पिथौरागढ़ पहुंची, जहां साधु-संतों का भव्य स्वागत हुआ। यह ...और पढ़ें
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संवाद सहयोगी, जागरण, पिथौरागढ़। पंच दशनाम जूना अखाड़ा के तत्वावधान में आयोजित प्रसिद्ध ''पवित्र छड़ी यात्रा 2026'' अपने उत्तराखंड भ्रमण के तहत 29 अक्टूबर को कुमाऊँ (मानसखण्ड) के सीमांत नगर पिथौरागढ़ पहुंची।
यहां पहुंचने पर यात्रा में शामिल साधु संतों का जोरदार स्वागत हुआ। सात अक्टूबर को शुरू हुई। अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों, साधु-संतों और यात्रा प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी वीरेन्द्रानंद महाराज की अगुवाई में यात्रा बद्रीविशाल सहित चारों धामों के दर्शन व पूजा-अर्चना संपन्न कर यात्रा ने मानसखण्ड (कुमाऊँ क्षेत्र) में प्रवेश किया।
यात्रा के दौरान तवाघाट शिव शक्ति आश्रम से होते हुए साधु-संत पैदल चलकर आदि कैलास और ऊं पर्वत पहुंचे। यात्रा में 72 साधु संत शामिल हैं। इसके पश्चात यात्रा दल के पिथौरागढ़ स्थित ''द एशियन स्कूल'' पहुँचने पर विद्यालय परिवार द्वारा पवित्र छड़ी का भव्य और भावपूर्ण स्वागत किया गया।
पिथौरागढ़ में विश्राम और प्रसिद्ध गुरना माता मंदिर के दर्शन के उपरांत यह यात्रा लोहाघाट, चंपावत, गोलज्यू मंदिर, हिंगलाज माता मंदिर, मां पूर्णागिरि धाम एवं गार्जिया माता दर्शन करते हुए रात्रि विश्राम हरिद्वार में स्थित प्रेम गिरि आश्रम (श्यामपुर) में होगा।
इसके बाद पवित्र छड़ी यात्रा को बागेश्वर धाम पहुँचाया जाएगा। यात्रा प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. वीरेन्द्रानंद महाराज ने बताया कि पवित्र छड़ी यात्रा का मुख्य उद्देश्य केदारखण्ड (गढ़वाल) एवं मानसखण्ड (कुमाऊँ) की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक चेतना को जागृत करना, विश्व में शांति, सुख-समृद्धि तथा मानव कल्याण की भावना को बढ़ावा देना है।
