लद्दाख के बाद अब बाइकर्स की नई मंजिल बना आदि कैलास रूट, पांच साल में 38 गुना बढ़ा पर्यटन
पिथौरागढ़ का आदि कैलास रूट अब बाइकर्स के लिए लद्दाख के बाद एक नई पसंदीदा मंजिल बन रहा है, जहां ...और पढ़ें


समय कम है?
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संवाद सहयोगी, जागरण, पिथौरागढ़। देशभर के बाइकर्स के बीच रोमांचक सफर के लिए लद्दाख पहली पसंद रहा है, लेकिन अब उत्तराखंड का सीमांत क्षेत्र भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। आदि कैलास रूट के साथ दारमा और जोहार घाटी बाइकर्स को आकर्षित कर रही हैं।
ऊंचे पहाड़, कलकल बहती नदियां, घने जंगल और दुर्गम रास्तों का रोमांच इन क्षेत्रों को बाइक यात्रा के शौकीनों के लिए खास बना रहा है। दिल्ली से अपने दल के साथ आदि कैलास, ओम पर्वत, दारमा और जोहार वैली की यात्रा कर लौट रहे अभिजीत सिंह का कहना है कि वाकई सीमांत जिला पिथौरागढ़ काफी खूबसूरत है। उन्होंने कहा कि टनकपुर से आदि कैलास तक का सफर प्राकृतिक सुंदरता और रोमांच का अनूठा अनुभव देता है।
रास्ते में बदलते पहाड़ी नजारे, नदी घाटियां और ऊंचे पर्वत यात्रियों को आकर्षित करते हैं। यही वजह है कि देश के विभिन्न हिस्सों से बाइकर्स इस रूट पर पहुंच रहे हैं। दारमा और जोहार घाटी भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों के कारण बाइकिंग के शौकीनों के बीच लोकप्रिय हो रही हैं।
पर्यटन की नई संभावनाओं को मिल रहा बढ़ावा
बाइकर्स का कहना है कि आने वाले समय में आदि कैलास रूट देश के प्रमुख बाइकिंग डेस्टिनेशन में शामिल हो सकता है। इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, दुर्गम पहाड़ी मार्गों पर यात्रा के दौरान मौसम, सड़क की स्थिति और सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।
पांच साल में पंजीकरण का आंकड़ा 38 गुना बढ़ा
आदि कैलास और ओम पर्वत जाने वाले पर्यटकों की संख्या में पिछले पांच साल में 38 गुना बढ़ा है। वर्ष 2022 से 2026 के बीच पंजीकरण के आंकड़ों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में कुल 1,757 पंजीकरण हुए थे, जो 2023 में बढ़कर 10,025 और 2024 में 29,352 हो गए।
वर्ष 2025 में यह संख्या 36,526 रही, जबकि 2026 में अब तक 66,362 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। पांच वर्षों में कुल 1,44,022 पंजीकरण हुए हैं। इनमें 1,44,022 के कुल में पुरुषों की संख्या 98,761 और महिलाओं की 39,223 है।
पिथौरागढ़ जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं प्रत्येक पर्यटक स्थल पर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। दारामा, व्यास, चौदास वैली में पर्यटकों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। देवभूमि पिथौरागढ़ आने वाले सभी पर्यटकों और बाइकर्स का स्वागत है। - आशीष भटगांई, डीएम पिथौरागढ़
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