उत्तराखंड सरकार का संकल्प: विकास और विरासत का संतुलन, चंपावत बनेगा आदर्श जिला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर में दशहरा महोत्सव में भाग लेते हुए उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प ...और पढ़ें
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संवाद सहयोगी, जागरण, चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर गांधी मैदान में नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में प्रतिभाग कर देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चंपावत सहित पूरे प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए तेजी से काम कर रही है। चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने गौरवशाली परंपरा और संस्कृति को फिर से स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप पूरे देश में धार्मिक स्थलों का कायाकल्प कर उन्हें नई पहचान दिलाई जा रही है।
अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर कारिडोर, उज्जैन में महाकाल कारिडोर निर्माण होना हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि केदार नाथ का भव्य विकास किया गया है।
इसी प्रकार बद्रीनाथ धाम के विकास के मास्टर प्लान पर तेजी से काम चल रहा है। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को विरासत को नई पहचान दे रही है।
अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि कुंभ मेले को भव्य और दिव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि मेले को वर्ष भर संचालित करने के लिए पथ प्रकाश की स्थाई व्यवस्था की जा रही है। बाटनागाड़ में पुल का निर्माण चल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनहित के कार्यों में भी पीछे नहीं है। नकल विरोधी, धर्मान्तरण और दंगा रोधी जैसे सख्त कानून बनाए गए हैं। सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर देवभूमि के स्वरूप को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्ती से नकेल कसी जा रही है।
मदरसों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि अल्पसंख्यक बच्चे भी राष्ट्र की मुख्यधारा के अनुरूप शिक्षा ग्रहण कर सकें। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने व्यास गद्दी का पूजन कर कथा वाचक देवी दिव्यांशी किशोरी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
