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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand: दो भाइयों ने अपनाया हिंदू धर्म, दोनों के जन्म के बाद मां को अकेला छोड़कर चला गया था मुस्लिम पिता

By Ajay khantwalEdited By: Shivam Yadav
Published: Mon, 04 Sep 2023 02:40 AM (IST)

आर्य समाज मंदिर में दोनों भाइयों का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया। इससे पहले 24-वर्षीय इस्माइल को अंकुश और 20-वर्षीय अरमान ...और पढ़ें

बच्चों के सनातन धर्म अपनाने से मां बेहद खुश है।
बच्चों के सनातन धर्म अपनाने से मां बेहद खुश है।

कोटद्वार, संवाद सहयोगी: पौड़ी जनपद के लैंसडौन में दो मुस्लिम भाइयों ने रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सनातन धर्म अपना लिया। आर्य समाज मंदिर में दोनों भाइयों का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया। इससे पहले 24-वर्षीय इस्माइल को अंकुश और 20-वर्षीय अरमान को आर्यन नाम दिया गया। दोनों भाइयों ने सनातन धर्म में प्रवेश पर खुशी जताई हैं। उनकी दो बहनें भी हैं। इनमें एक की शादी हो चुकी है।

सनातन धर्म अपनाने वाले जयहरीखाल (लैंसडौन) निवासी इस्माइल और अरमान ने बताया कि उनकी माता सीता देवी हिंदू हैं, जबकि पिता मुस्लिम। हालांकि, मां ने शादी के लिए न तो अपना धर्म बदला और न पूजा पद्धति ही। चारों भाई-बहन जब बहुत छोटे थे, तभी पिता परिवार को छोड़कर चले गए। ऐसे में मां उन्हें लेकर मायके आ गई। यहां उन्होंने बच्चों का पालन-पोषण करने के साथ सनातनी संस्कार दिए। वह सनातन धर्म के अनुसार पूजा-पाठ करती हैं। इसमें बच्चे भी शामिल होते हैं। 

मां की सहमति पर बने सनातनी

इसी से प्रेरित होकर इस्माइल और अरमान ने सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लिया। इससे पहले उन्होंने इस बारे में मां और घनिष्ठ मित्रों से विचार-विमर्श किया। मां की सहमति पर दोनों रविवार को विश्व हिंदू परिषद और हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सनातनी बन गए।

विश्व हिंदू परिषद के पूर्व विभाग मंत्री मनमोहन जुयाल के अनुसार, दोनों युवाओं की माता सीता देवी ने बताया कि पति के जाने के बाद उन्होंने लैंसडौन में कपड़ों की फेरी लगाई और बाद में जयहरीखाल में कपड़ों की दुकान खोल ली। इसी दुकान से परिवार की गुजर-बसर हो रही है। उन्होंने कभी अपने बच्चों को मस्जिद नहीं भेजा। बच्चों के सनातन धर्म अपनाने से वह बेहद खुश हैं।