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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जंगल किनारे बाइक से जा रहे थे दो युवक, अचानक सामने आ गया 'वो' जिसे देख उड़ गए होश, फिर…

Published: Mon, 22 Sep 2025 03:51 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 22 Sep 2025 10:44 PM (GMT+05:30)

कोटद्वार के पास दो युवक गुलदार से बाल-बाल बचे। जंगल से सटे इलाकों में गुलदार का खतरा बढ़ गया है ...और पढ़ें

कोटद्वार नगर निगम के अंतर्गत मवाकोट क्षेत्र में सड़क पर आया गुलदार। साभार: इंटरनेट मीडिया
कोटद्वार नगर निगम के अंतर्गत मवाकोट क्षेत्र में सड़क पर आया गुलदार। साभार: इंटरनेट मीडिया

जागरण संवाददाता, कोटद्वार। दो युवक एक मोटरसाइकिल में सवार होकर घराट से कण्वाश्रम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जैसे ही उन्होंने ध्रुवपुर में कण्वाश्रम मार्ग को जोड़ने वाले पुल को पार किया उनके सामने अचानक गुलदार धमक गया।

युवकों ने समझदारी दिखाते हुए गुलदार से दूरी बनाई और मोटरसाइकिल को घुमाते हुए वापस घराट की ओर मुड़ गए। इसके बाद युवक देवी रोड दुर्गापुरी मार्ग से किशनपुरी के लिए गए। यह दो युवक ही नहीं, बल्कि वर्तमान में आए दिन वाहन चालकों को जंगल से सटे हुए मार्गों पर गुलदार दिखाई दे रहा है। ऐसे में सबसे अधिक खतरा दोपहिया वाहन चालकों को बना हुआ है।

कोटद्वार व भाबर का अधिकांश भाग जंगल से सटा हुआ है। वर्तमान में वर्षाकाल में जंगल से सटे इलकों में झाड़ियां बढ़ चुकी हैं। यही कारण है कि गुलदार जंगल की सीमा को छोड़ आबादी तक पहुंच रहा है। कुछ दिन पूर्व नंदपुर में गणेश स्थल के समीप बैठे एक गुलदार का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर खूब प्रसारित हुआ।

साथ ही प्रतिदिन अलग-अलग वार्डों में गली व मोहल्लों में घूम रहे गुलदार के वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर देखने को मिल रहे हैं। आबादी के बीच धमक रहे गुलदार से वार्डवासियों में खौफ बना हुआ है।

मानुपर-शिवपुर, नंदपुर, मवाकोट, नींबूचौड़ व पदमपुर मवाकोट क्षेत्र में शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे। सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों व बुजुर्गों को बना हुआ है।

मानपुर-शिवपुर, घराट-ध्रुवपुर-कण्वाश्रम मार्ग पर आए दिन गुलदार वाहन चालकों के समीप टकर रहा है। ऐसे में कब गुलदार दोपहिया वाहन चालकों पर छपट जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता।

पिंजरे में कैद नहीं हुआ गुलदार

पदमपुर-मोटाढाक क्षेत्र में गुलदार को कैद करने के लिए पिंजरा लगाया है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी गुलदार पिंजरे में कैद नहीं हो पाया है। ऐसे में क्षेत्रवासियों में खौफ बना हुआ है। हालांकि वन विभाग की टीम भी क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहे हैं।

बावजूद गुलदार तीन दिन से दिखाई तक नहीं दे रहा। ऐसे में क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। इधर, दो दिन पूर्व इस क्षेत्र में गुलदार ने एक गोवंश को भी निवाला बनाया।