पिथौरागढ़, रमेश गड़कोटी : जीतेगा भारत हारेगा कोरोना। हां... हारेगा कोरोना। भागेगा कोरोना। पहाड़ के हौसले से तो समूल नाश ही होगा कोरोना। प्रवासियों के साथ दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम से सफर करते हुए संक्रमण पहाड़ तक पहुंच तो गया, लेकिन दायरा नहीं बढ़ा सकेगा। पहाड़ की जिद उसके कदम ठिठका देगी। हम ऐसे ही तीन जतन का जिक्र कर रहे हैं, जिनके बल पर कोरोना को हराने का बल मिल रहा है। सोचिए जब साधन विहीन हाथ कर दिखा रहे हैं तो सरकारी इमदाद से हौसला कितना बढ़ेगा...    

गुरना क्षेत्र में कम्पलीट लॉकडाउन  

गुरना क्षेत्र में एक व्यक्ति संक्रमित मिला। इससे लोग हतोत्साहित नहीं हुए। कोरोना को हराने के लिए सभी ने सामूहिक प्रयास किया। स्वत: ही तीन दिनों का संपूर्ण लॉकडाउन घोषित कर दिया। व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी इस दौरान नहीं खुलेंगे।  कोरोना से निपटने के लिए ग्राम प्रधान ऊषा तिवारी की अध्यक्षता में स्थानीय लोगों ने गुरुवार शाम आपात बैठक की। इस बीच तय हुआ कि रविवार तक ग्रामीण घर से नहीं निकलेंगे। सभी दुकानें भी बंद रहेंगी। यानी संपूर्ण लॉकडाउन। 

कस्बे और आस पास के गांव में कोई लॉकडाउन का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बीच किसी को खाद्यान्न या अन्य किसी आवश्यक वस्तु की जरूरत पड़ी तो वह संबंधित दुकानदार को फोन करेगा। दुकानदार ही घर तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था करेगा। बैठक में मौजूद राज्य आंदोलनकारी बसंत भट्ट ने बताया कि हमने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। जरूरत पड़ी तो लॉकडाउन को आगे भी बढ़ाया जाएगा।  

सुबह 10 बजे तक ही खुलेंगी दुकानें  

पिथौरागढ़ : शासन ने शुक्रवार से भले ही दुकानों का समय सुबह सात से शाम सात तक कर दिया, लेकिन ग्राम पंचायत खर्कदौली क्षेत्र के लछैर में बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए स्थानीय व्यापारियों ने सुबह दस बजे तक ही दुकानें खोलने का निर्णय लिया है। आम सहमति बनाने के लिए स्थानीय व्यापारियों ने स्वत: बैठक की। ग्राम प्रधान कुंडल सिंह महर के नेतृत्व में सभी ने निर्णय लिया कि अगले 12 दिनों तक बाजार प्रात: सात से सुबह दस बजे तक ही खुलेगा। इसके बाद बाजार पूर्णत: बंद रहेगा। इस बीच बाहरी लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यहां से गुजरने वाले वाहनों को भी लछैर में नहीं रुकने दिया जाएगा। बिना मास्क के घर से कोई नहीं निकलेगा। 

चार बजे के बाद पानी तक नहीं 

पिथौरागढ़। जीआइसी-सुकौली मोटर मार्ग स्थित प्रसिद्ध महादेव धारे से अब शाम चार बजे के बाद कोई भी व्यक्ति पानी नहीं भर सकेगा। यह निर्णय स्थानीय हुड़ेती के ग्रामीणों ने आपसी सामंजस्य से लिया। न प्रशासन ने दखल दिया और न ही कोई निर्देश ही जारी किया। असल में यहां शाम को पानी के लिए लोगों का जमावड़ा लग रहा था। ऐसे में संक्रमण की आशंका देख ग्रामीणों ने खुद ही पहल की और पानी भरने का समय निर्धारित कर दिया। निगरानी के लिए युवाओं की टीम भी गठित कर दी, जो शाम चार बजे के बाद धारे की निगरानी करेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों की सूचना तत्काल प्रशासन को देगी। 

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रजत उप्रेती ने बताया कि धारे के आसपास नोटिस चस्पा कर दिया गया है। इसके बावजूद कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को देकर कार्रवाई का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव के प्रसिद्ध महादेव धारे में आस पास के क्षेत्रों के साथ ही नगर की भी बड़ी आबादी पानी भरने आती है। ऐसे में संक्रमण की आशंका में प्रतिबंध आवश्यक हो गया था।  

गंगोलीहाट एक हफ्ते के लिए बंद 

कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ते देख व्यापार संघ ने 29 मई से एक सप्ताह तक संपूर्ण बाजार बंद करने का एलान किया। पहले दिन इसका व्यापक असर भी दिखा। व्यापारियों के समर्थन में टैक्सी यूनियन ने भी वाहनों का संचालन बंद रखा।  गंगोलीहाट तहसील क्षेत्र में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ व्यापार संघ ने भी कोरोना को हराने का स्वत: हौसला दिखाया। शुक्रवार से अगले एक सप्ताह तक संपूर्ण बाजार बंदी का एलान कर दिया। नगर अध्यक्ष हरीश धानिक ने बताया कि यह फैसला सभी की सुरक्षा के लिए लिया गया है। इससे स्वास्थ्य विभाग को अपना कार्य करने में आसानी होगी। व्यापार संघ के समर्थन में टैक्सी यूनियन भी आया। इससे टैक्सियों का संचालन भी नहीं हो सका।

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