विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Weather: गर्मी का प्रचंड प्रकोप, इस शहर में पारा 40 डिग्री पार; चार साल का टूटा रिकॉर्ड

Published: Thu, 16 May 2024 07:19 AM (IST)

Uttarakhand Weather हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं प्रचंडता का ...और पढ़ें

40.5 डिग्री सेल्सियस बुधवार को रिकॉर्ड किया गया पारा
40.5 डिग्री सेल्सियस बुधवार को रिकॉर्ड किया गया पारा

HighLights

  1. हल्द्वानी में 10 दिन बाद फिर टूटा मई के तापमान का रिकॉर्ड
  2. बुधवार को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से लोग हुए बेहाल
  3. 9.5 डिग्री तापमान में पिछले छह दिन में दर्ज की गई वृद्धि

जासं, हल्द्वानी : Uttarakhand Weather: मैदानी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने से कुछ दिन जरूर राहत मिली, मगर सूर्य ने अब फिर से आग उगलना शुरू कर दिया है। हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया।

भीषण गर्मी की मार के साथ ही लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। वहीं, प्रचंडता का प्रहार बढ़ने के साथ ही मई में अधिकतम पारा चार वर्षों में सर्वाधिक रिकॉर्ड किया गया।

अधिकतम तापमान में 20.1 डिग्री वृद्धि

हल्द्वानी मंगलवार को तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा था, मगर 24 घंटे में पारा दो डिग्री की उछाल मार कर 40.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। न्यूनतम पारा 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में दिन और रात के पारे की तुलना करें तो अधिकतम तापमान में 20.1 डिग्री वृद्धि रिकॉर्ड हुई।

इधर, 10 दिन पूर्व पांच मई को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा था। उसके बाद मौसम का मिजाज बदलने से पारे में गिरावट दर्ज हुई और तापमान 31 डिग्री तक पहुंच गया था। लेकिन उसके बाद से लगातार गर्मी के प्रकोप में वृद्धि हो रही है। वहीं मई 2023 की बात करें तो दिन का पारा 38.2 डिग्री सेल्सियस तक रहा था।

चार वर्षों में मई अधिकतम तापमान की स्थिति

  • वर्ष - अधिकतम पारा
  • 2021 - 38.5
  • 2022 - 39.2
  • 2023 - 38.2
  • 2024 - 40.5 ( 15 मई)

बुधवार को तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। आने वाले दिनों तामपान में वृद्धि देखने को मिल सकती है और लू का प्रभाव बने रहने की संभावना है।

- डा. आरके सिंह, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि