अल्मोड़ा से दीप सिंह बोरा। महानदी गंगा की तर्ज पर गैरहिमानी नदियों के संरक्षण के लिए अलग प्राधिकरण की आस जगी है। कोसी पुनर्जनन महाअभियान के प्रणेता नेशनल जीयो स्पेशल चेयर प्रोफेसर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (भारत सरकार) प्रो. जीवन सिंह रावत ने गुरुवार को दम तोड़ रही नदियों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को उत्तराखंड नदी पुनर्जनन प्राधिकरण के गठन का सुझाव दिया है। जीवनदायिनी कोसी की सहायक कुंजगढ़ नदी से जुड़ी शोध रिपोर्ट भी सौंपी। मुख्यमंत्री ने प्रो. जीवन को भरोसा दिलाया कि नदियों के संरक्षण कार्य को मिशन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। यह उनकी प्राथमिकता में है। 

शोध रिपोर्ट पर सीएम ने चुनी थी कोसी

प्रो. जीवन 28 वर्षों से कोसी पर शोध में जुटे हैं। उन्हीं की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने कुमाऊं में कोसी व गढ़वाल में रिस्पना नदी को पुनर्जनन महाअभियान के माडल के रूप में चुना था। कोसी पुनर्जनन मुहिम दो बार अल्मोड़ा जनपद को देश में नदी संरक्षण के लिए राष्टï्रीय जल अवार्ड के तहत पहला स्थान दिला चुकी है। 

हर जिले में बने माडल 

प्रो. जीवन सिंह रावत ने सुझाव दिया कि कोसी, गरुड़ गंगा, शिप्रा नदी व कुंजगढ़ की तरह हर जिले में माडल तैयार करने की जरूरत है। इससे नदियों के संरक्षण के क्षेत्र में उत्तराखंड पूरे देश में प्रेरक का काम कर सकेगा। नेशनल जीयो स्पेशल चेयर प्रोफेसर प्रो. जीवन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड में जिस तेजी से नदियां दम तोड़ रही हैं उस आधार पर पुनर्जनन प्राधिकरण के गठन की नितांत आवश्यकता है। हमने शोध रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी है। उन्होंने नदी संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने व मिशन के रूप में काम आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है। उम्मीद है कि प्राधिकरण जल्द अस्तित्व में आएगा।

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Edited By: Prashant Mishra