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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Forest Fire: शीतला देवी मंदिर से सटे जंगल में भीषण आग, वनों को बचाने के लिए कार्रवाई के निर्देश

Published: Sat, 27 Apr 2024 09:15 AM (IST)

Uttarakhand Forest Fire शीतला देवी मंदिर व सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से सटे जंगलों में शुक्रवार को भीषण आग गई। दो ...और पढ़ें

Uttarakhand Forest Fire: दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू
Uttarakhand Forest Fire: दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू

संवाद सहयोगी, भवाली: Uttarakhand Forest Fire: शीतला देवी मंदिर व सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से सटे जंगलों में शुक्रवार को भीषण आग गई। आग तेजी से मंदिर की ओर बढ़ने लगी। ऐसे में मंदिर के मुख्य पुजारी प्रकाश चंद्रा व मंदिर के अन्य सदस्य आग को बुझाने में जुट गए। इसी बीच सूचना पर डिप्टी रेंजर दीप जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग, मंदिर समिति व शिप्रा कल्याण समिति ने आग पर काबू पाया। डिप्टी रेंजर दीप जोशी ने बताया कि घोड़ाखाल रोड स्थित शीतला देवी मंदिर से सटे जंगल में शुक्रवार को आग लग गई। जिससे कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया गया। इस दौरान मंदिर के मुख्य पुरारी प्रकाश चंद्रा, शिप्रा कल्याण समिति के अध्यक्ष जगदीश नेगी, शेखर, धर्मेंद्र, नितिन समेत कई लोग मौजूद रहे।

वनों में आग लगाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश

लोहाघाट में सीओ वंदना वर्मा ने वन विभाग, फायर, पुलिस के कर्मचारियों, सरपंचों और ग्राम प्रहरियों को वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को लोहाघाट थाने में कार्मिकों की बैठक में उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग सामंजस्य बनाकर वनाग्नि के नियंत्रण और रोकथाम के लिए कार्य करें।

उन्होंने विगत कुछ वर्षों में जिन जंगलों में आग लगने की घटनाएं ज्यादा हुई हैं उन्हें चिह्नित करने को कहा। ताकि उन जंगलों में आग से बचाव की पूर्व तैयारी की जा सके। सीओ ने वनों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

वनों को आग से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को भी कहा। इस दौरान एसएसआइ चेतन रावत, रेंजर देवीधुरा कैलाश चंद्र गुणवंत, नीरज राणा, पूरन सिंह, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।

खटीमा क्षेत्र के सात स्थानों पर लगी आग

गर्मी के साथ ही सीमांत क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार व गुरुवार देर रात अलग-अलग सात स्थानों पर आग लग गई। दमकल टीम ने आग पर काबू पाया। चकरपुर के बिगराबाग गांव में भूसे के ढेर में आग की सूचना पर प्रभारी अग्निशमन अधिकारी सुभाष जोशी के नेतृत्व में मकल टीम ने मौके पर पहुंच आग पर काबू पाया।

नौगवांठग्गू में बगीचे में आग लगने की सूचना पर टीम जब वहां से काबू पाकर लौट रही थी बिचपुरी में खेतों व झाड़ियों में आग की सूचना मिली। इस पर टीम ने वहां पहुंच लपटों पर काबू पाया। तिगरी गांव में बगीचे में आग बुझा घरों की तरफ बढ़ने से रोका। शाम चार बजे रतनपुर में भूसे के ढेर में लगी आग बुझाई।

इसके अलावा शाम करीब पौने छह बजे दियूरी गांव में भूसे के ढेर में आग लगने की सूचना मिली, जिस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इधर, गुरुवार रात झनकट स्थित प्लास्टिक पाइप के गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसे दमकल टीम ने मौके पर पहुंच काबू किया।

प्रभारी अग्निशमन अधिकारी जोशी ने बताया कि क्षेत्र में हुई आगजनी की सभी घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। दमकल टीम में प्रेमलाल, चालक सुंदर सिंह, केदार सिंह, फायरमैन दिनेश कापड़ी, विक्रम, अमित, शंकर, महिला फायरमैन अंकिता, सोनिया, ज्योति शामिल थीं।