हल्द्वानी, जागरण संवादाता : भारतीय जनता पार्टी ने हल्द्वानी से प्रत्याशी घोषित कर दिया है। दो बार के मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला फिर से हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। उनके सामने कांग्रेस की दिग्गज नेता रही स्वर्गीय डा. इंदिरा हृदयेश के बेटे सुमित हृदयेश होंगे। अब इस हाट सीट पर इन दोनों नेताओं के बीच कड़ा मुकाबला देखने केा मिलेगा।

डॉक्टर रौतेला हल्द्वानी में हमेशा सक्रिय रहे। संगठन में उनकी भागीदारी हमेशा रही। वहीं देा बार मेयर से मेयर निर्वाचित होते आ रहे हैं। यही कारण है कि भाजपा ने उन पर फिर से विश्वास जताया। हालांकि इस क्षेत्र में तमाम दावेदार थे, जिन्होंने मजबूत पैरवी भी थी। यहां तक कुछ सीएम के खास माने जाने वाले नेता तो कुछ संगठन के पुराने नेता मैदान में पूरा दम ठोक रहे थे, लेकिन सभी दावेदार टिकट पाने में नाकाम रहे। सौम्य व मृद स्वभाव के डा. रौतेला की छवि निर्विवाद रही है।

उन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। तब उनके सामने कांग्रेस की दिग्गज नेता डा. इंदिरा हृदयेश थी। तब वह करीब छह हजार वोट से हार गए थे। इसके बाद वह फिर मेयर के लिए लड़े और शानदार जीत हासिल की। भाजपा ने तमाम सर्वे और रायशुमारी के बात मंथन किया और नामांकन के दो दिन पहले रौतेला को प्रत्याशी घोषित किया। इस बार उनके सामने कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश हैं। सुमित भी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। इसके अलावा हल्द्वानी की इस हाट सीट से आम आदमी पार्टी से प्रत्याशी समित टिक्कू हैंं। समाजवादी पार्टी से शोएब अहमद है।

हल्द्वानी में डेढ़ लाख से अधिक मतदाता

हल्द्वानी विधानसभा में 150634 मतदाता हैं। इसमें 78642 पुरुष और 71922 महिला मतदाता है। इसमें से करीब 40 हजार मुस्लिम मतदाता हैं। हर वर्ग के लाेग इस क्षेत्र में रहते हैं। आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र होने की वजह से व्यापारियों का भी बड़ा वर्ग है। इसलिए इस सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है।

पीएचडी के बाद सक्रिय राजनीति में आए रौतेला

काठगोदाम निवासी डा. रौतेला ने बीएससी, एमएससी के बाद पीएचडी हासिल की। कुछ समय अध्यापन का कार्य भी किया।पिता स्वर्गीय बीएस रौतेला सेवानिवृत मेजर थे। माता का नाम रेवती देवी है। 18 जनवरी, 1971 में जन्मे रौतेला वर्ष 1989 में जीआइसी नैनीताल में छात्रसंघ अध्यक्ष बने। पहली बार 1997 में दमुवाढूंगा-काठगोदाम क्षेत्र से सभासद चुने गए थे। तीन बार सभासद रहने के साथ ही भाजपा के कई पदों पर रहे। वर्ष 2008 से नगर पालिका सदस्य के चुनाव में उत्तराखंड में सबसे अधिक मतो से विजयी हुए। पिछले दो बार से हल्द्वानी नगर निगम के मेयर पद पर हैं।

Edited By: Skand Shukla