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    उत्‍तराखंड बोर्ड टॉप करने वाला समीर रियाज गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ने के लिए हुआ मजबूर

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Sun, 11 Aug 2019 11:10 AM (IST)

    उत्तराखंड बोर्ड से 2012 में 10वीं टॉप करने वाला समीर रियाज इन दिनों मुफलिसी के कारण पढ़ाई छोड़ चुका है। अब वह कोचिंग पढ़ाकर परिवार का खर्च उठा रहा है।

    उत्‍तराखंड बोर्ड टॉप करने वाला समीर रियाज गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ने के लिए हुआ मजबूर

    हल्द्वानी, जेएनएन : उत्तराखंड बोर्ड से 2012 में समीर रियाज ने जब 10वीं टॉप किया तो उसके सपनों का फलक बड़ा हो गया। उसकी असाधारण सफलता पर परिजनों में भी उम्मीद जगी तो बहन और मां ने पढ़ाई जारी रखने के लिए दिन रात मेहनत की। बहन ने ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया और मां दिन-रात सिलाई का काम करने लगीं। वे आमदनी का पूरा पैसा समीर की पढ़ाई पर खर्च करते रहे, इस उम्मीद में की एक दिन वह वो मुकाम हासिल कर लेगा जब घर में खुशियां कदम चूमेंगी। लेकिन वक्त गुजरने के साथ जैसे-जैसे पढाई के खर्चे का बोझ बढऩे लगा वैसे-वैसे हालात जवाब देते गए। आखिरकार मजबूरी में समीर को वही निर्णय लेना पड़ा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। मुफलिसी के कारण समीर ने पढ़ाई छोड़कर घर की जिम्मेदारी उठा ली और आजकल ट्यूशन पढ़ाकर घर का खर्चा चला रहा है। 
    नैनीताल जिले के रामनगर के मोहल्ला खताड़ी निवासी समीर रियाज ने 2012 में हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 95.5 फीसद अंक हासिल कर उत्तराखंड टॉप किया था। तब उसने आइएएस बनने का सपना देखा। लेकिन क्या पता था कि आने वाले दिनों में हालात इतने खराब हो जाएंगे कि पढ़ाई ही छोडऩी पड़ जाएगी। रामनगर पीजी कॉलेज से 2017 में बीएससी करने के बाद उसका सेलेक्शन पंत नगर विवि में हो गया, लेकिन फीस भरने के लिए पैसों का इंतजाम नहीं हो सका।

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    कुछ बनकर मां का सपना पूरा करने की थी हसरत
    समीर कुछ बनकर मां का सपना पूरा करना चाहता था। लेकिन इन दिनों वो अवसाद में है। स्टेट टॉप करने के बावजूद मुफलिसी ने उसे ऐसे मोड पर लाकर खड़ा कर दिया कि उसे सबकुछ छोडऩा पड़ा। अब परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने के लिए उसने भी अपने भाई बहन के साथ ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया है। 

    पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के लिए हो गया था सेलेक्शन 
    12वीं करने के बाद समीर का सेलेक्शन ओएनजीसी की देहरादून शाखा में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के लिए हो गया था। इसके साथ ही पंत नगर कृषि विवि के लिए भी हो गया था लेकिन आर्थिक समस्याओं के कारण एडमिशन न ले सका। एमएससी बीएड कर कोचिंग पढ़ाने वाली बहन आइशा ने बताया कि भाई इन दिनों अवसाद में रहता है। प्रतिभाशाली होने के बावजूद उसे अपने कॅरियर से समझौता करना पड़ा। बड़ा भाई आमिर रियाज भी एमससी बीएड करने के बाद कोचिंग पढ़ाकर गुजारा करता है। अभी तक तीनों भाई में किसी की शादी नहीं हुई है। 

    पिता ने भी किए अत्याचार
    समीर की मां लाइका ने बताया कि पति ने भी परिवार को छोड़ दिया है। अब वो हमारे साथ नहीं रहते हैं। उन्होंने एक बार बेटे समीर का सर फोड़ दिया था तो उन्हीं की मार से पत्नी को कम सुनाई देता है। लाइका ने बताया कि बच्चे की पढ़ाई में कोई व्यवधान न पड़े इसके लिए उन्होंने खुद दिन रात सिलाई की, लेकिन अब मोतिया बिंद के कारण उन्हें सुनाई नहीं देता है। मां ने कहा कि यदि कुछ मदद मिल जाए तो समीर एक बार फिर से अपनी पढाई शुरू कर सकेगा। 

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