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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब Kumaun University में सेना के लिए तैयार होंगे युवा, एनडीए, एसएसबी और सीडीएस के लिए प्रशिक्षण

Published: Thu, 25 Apr 2024 12:09 PM (IST)

Kumaun University सभी विद्यार्थियों के लिए डीएसबी परिसर की लाइब्रेरी और हास्टल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें ...और पढ़ें

Kumaun University: डीएसबी परिसर की लाइब्रेरी में उपलब्ध होंगी प्रतियोगी परीक्षा की किताबें
Kumaun University: डीएसबी परिसर की लाइब्रेरी में उपलब्ध होंगी प्रतियोगी परीक्षा की किताबें

HighLights

  1. सेना के रिटायर्ड अधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा विजिटिंग प्रोफेसर

जागरण संवाददाता, नैनीताल: Kumaun University: अब कुमाऊं विश्वविद्यालय में एनसीसी कैडेट्स को नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस) के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके लिए सेना के रिटायर्ड अधिकारियों को विजिटिंग प्रोफेसर नियुक्त किया जाएगा। साथ ही सभी विद्यार्थियों के लिए डीएसबी परिसर की लाइब्रेरी और हास्टल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी।

कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने डीएसबी परिसर की लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। कुलपति ने लाइब्रेरी में छात्रों से बातचीत कर समस्याओं के बारे में जानकारी ली। कुलपति लाइब्रेरी में छात्रों की अधिक संख्या देखकर काफी उत्साहित हुए। छात्रों ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइब्रेरी में किताबें नहीं मिलती हैं। जिस कारण उन्हें परेशानी होती है।

कुलपति ने अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. संजय पंत को बुलाकर प्रतियोगी किताबों की सूची बनाकर देने को कहा, ताकि लाइब्रेरी में उपलब्ध कराई जा सकें। छात्रों को वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी इसकी जानकारी देने को कहा गया।

कुलपति के अनुसार छात्रों की मांग पर परिसर में नौसेना, थल सेना व वायु सेना के एसएसबी से संबद्ध रिटायर्ड अधिकारियों को विजिटिंग प्रोफेसर नियुक्त करने पर सहमति दी गई है। जो छात्रों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण देंगे। कुलपति ने सेना के अधिकारियों से भी इस संबंध में बातचीत कर सहयोग मांगा है।

विजिटिंग प्रोफेसर में मनोविज्ञानी भी होगा। विवि में हर साल 50 से अधिक एनसीसी प्रमाणपत्र वाले छात्र होते हैं और तमाम छात्र सीडीएस की तैयारी करते हैं।