रुद्रपुर, जेएनएन : मंदी का असर सिडकुल टाटा मोटर्स के उत्पादन पर भी पड़ा है। इकाई को करीब 30 फीसद उत्पादन कम हुआ है। टाटा मोटर्स ने 12 से 14 सितंबर तक ब्लॉक क्लोजर लिया है। यानी तीन दिन इकाई में कार्यबंदी रहेगी। यहीं नहीं कंपनी से जुड़ी 65 वेंडर यूनिटों की भी हालत खस्ता है। इन यूनिटों में काम करने वाले करीब सात हजार लोगों के रोजगार पर संकट मंडराने लगा है। इसके अलावा अप्रत्यक्ष रुप से करीब दो सौ परिवार भी इस मंदी की मार से प्रभावित होंगे।

सिडकुल की वजह से न केवल प्रत्यक्ष रुप से हजारों लोगों को रोजगार मिला है, बल्कि अप्रत्यक्ष रुप से करीब तीन सौ परिवारों को स्वरोजगार भी  मिला है। जो चाय, पान, परचून आदि दुकान व रेस्टोरेंट के जरिये परिवार का खर्च चलाते हैं। मंदी की मार से सिडकुल स्थित टाटा मोटर्स भी प्रभावित है। इस फैक्ट्री में टाटा एस व टाटा मैजिक वाहन बनते हैं। पहले हर माह औसत 17 से 18 हजार वाहन तैयार होते थे। पिछले साल यह संख्या घटकर औसत 11 हजार प्रतिमाह हो गई है।

इस माह फैक्ट्री ने 12, 13 व 14 सितंबर को ब्लॉक क्लोजर का समय लिया है। इस माह कार्यबंदी और भी बढ़ सकती है। इसकी वजह वाहन की बिक्री कम होना बताया जा रहा है। टाटा मोटर्स से जुड़ी 65 ऐसी वेंडर इकाइयां हैं, जो वाहन के अलग-अलग पार्ट सप्लाई करती है। इन यूनिटों में करीब 20 हजार लोगों को रोजगार मिला है। इनमें करीब सात हजार लोगों के रोजगार छीनने का संकट गहरा गया है। जितना टाटा मोटर्स पर असर पड़ेगा, उसका खामियाजा इनसे जुड़ी कंपनियों को भी नुकसान के तौर पर भुगतना पड़ सकता है। कर्मचारियों को अपनी नौकरी की ङ्क्षचता सता रही है। अनूप ङ्क्षसह, जोनल चेयरमैन, सिडकुल रुद्रपुर, केजीसीसीआइ का कहना है कि टाटा मोटर्स में करीब 30 से 35 फीसद उत्पादन कम हुआ है। इसकी वजह माल के खरीदार कम होना है। टाटा मोटर्स 12 से 14 तक ब्लॉक क्लोजर लिया है।

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Posted By: Skand Shukla

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