हल्द्वानी, जेएनएन : नींबू पार्टी के बाद पूर्व सीएम व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत के खिचड़ी भोज के आयोजन को लेकर सियासत गरमा गई है।
रविवार को जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा में खिचड़ी भोज का भव्य आयोजन हुआ। इसमें शामिल तमाम पार्षद सम्मानित भी हुए। इस आयोजन पर कटाक्ष करते हुए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य सुमित हृदयेश ने कहा कि इस भोज में कांग्रेस की हार का प्रसाद बांटा गया। दमुवाढूंगा के वेदांतम इंटरनेशनल स्कूल परिसर में पार्षद रेनू टम्टा की ओर से खिचड़ी भोज रखा गया था। मुख्य अतिथि पूर्व सीएम रावत थे। उनकी उपस्थिति में तमाम लोगों ने खिचड़ी के साथ परंपरागत भोजन ग्रहण किया। इस दौरान पार्षद रेनू टम्टा के अलावा नरेंद्रजीत सिंह रोडू, दीपा बिष्ट, डेविड, राजेंद्र जीना, रवि जोशी, शकील अंसारी, गीता बल्यूटिया आदि को सम्मानित किया गया।

यह रहे कार्यक्रम के दौरान मौजूद
डेढ़ घंटे के इस आयोजन में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व विधायक नारायण राम, ललित फर्सवाण, सरिता आर्य, दान सिंह भंडारी, नारायण पाल, आशा टम्टा, प्रयाग भट्ट समेत कई वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे।

भोज में साफ नजर आई गुटबाजी
देहरादून के खिचड़ी भोज की तरह यहां पर भी इंदिरा-प्रीतम खेमे से जुड़े लोग भोज में नजर नहीं आए। इस दौरान रावत ने मकर संक्राति की शुभकामनाएं देते हुए लोकसभा चुनाव पर फोकस कर भाषण दिया। उन्होंने कहा, यह वर्ष परिवर्तन का है। शिल्पकार समाज कांग्रेस का परिवार है। जब इस समाज ने कांग्रेस का साथ नहीं दिया तो कांग्रेस कमजोर हुई। यह वर्ष संविधान की सुरक्षा का है। इसलिए भविष्य के बेहतर परिवर्तन के लिए सभी को खड़ा होना होगा। संचालन प्रदेश महासचिव खजान पांडे ने किया। उनका कहना था, मुझे निष्कासित होने की जानकारी मीडिया से मिली है। लिखित में पीसीसी की ओर से कोई पत्र नहीं मिला है। खिचड़ी भोज का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं का निर्वहन करने के लिए किया गया है। इस दौरान प्रशांत भैसोड़ा, ललित जोशी, संजय किरौला, कमान सिंह धामी आदि मौजूद रहे।

कांग्रेस की हार का प्रसाद बांटा गया
सुमित एआइसीसी सदस्य सुमित हृदयेश ने रावत के खिचड़ी भोज के आयोजन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस खिचड़ी पार्टी में निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार का प्रसाद बांटा गया है। ऐसे आयोजनों में राष्ट्रीय महासचिव अपने साथ ऐसे व्यक्ति को रख रहे हैं, जो निष्कासित हैं। निकाय चुनाव में जो हार के लिए जिम्मेदार हैं। वह होर्डिग में पद का भी उल्लेख कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी की नीतियों का उल्लंघन हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष के बेटे सुमित ने हल्द्वानी नगर निगम सीट से मेयर का चुनाव लड़ा था। वह हार गए थे।

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