विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस छात्रा ने लड़कर हासिल किया अपना हक, पुनर्मूल्‍यांकन में बढ़ गए 20 नंबर

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Tue, 08 Jan 2019 05:07 PM (IST)Updated: Tue, 08 Jan 2019 07:22 PM (IST)

उत्तराखंड परीक्षा परिषद रामनगर बोर्ड की परीक्षा में हिंदी विषय की कॉपी जांचने वाले अध्यापक की घोर लापरवाही सामने आई ...और पढ़ें

इस छात्रा ने लड़कर हासिल किया अपना हक, पुनर्मूल्‍यांकन में बढ़ गए 20 नंबर
इस छात्रा ने लड़कर हासिल किया अपना हक, पुनर्मूल्‍यांकन में बढ़ गए 20 नंबर

नैनीताल, जेएनएन। उत्तराखंड परीक्षा परिषद रामनगर बोर्ड की परीक्षा में हिंदी विषय की कॉपी जांचने वाले अध्यापक की घोर लापरवाही सामने आई है। इस कारण इंटर की छात्रा के  20 अंक बढ़ गए।

कुमारी मांशी निवासी तिलवाड़ा रुद्रप्रयाग ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसने 2018 में इंटर की परीक्षा दी थी जिसमें उसको पूर्णांक 500 में से 411 अंक प्राप्त हुए थे। हिंदी विषय में उसे 54 अंक ही दिए गए जबकि उसके कई सवाल सही थे परन्तु कॉपी जांच रहे अध्यापक द्वारा शून्य अंक दिए गए। जब उसने रिचेक के लिए फार्म भरा तो उसके 12 अंक और बढ़ गए इससे वह संतुष्ट नहीं हुई उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने रामनगर बोर्ड को निर्देश दिए कि वह एक कमेटी गठित कर याचिकाकर्ता की उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन करे और दस दिन के भीतर रिजल्ट सहित स्क्रूटनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे।

बोर्ड द्वारा रिजल्ट व स्क्रूटनी रिपोर्ट पेश की जिसमें कोर्ट ने पाया की छात्रा के साढ़े सात अंक और बढ़ गए। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ में हुई अगली सुनवाई फरवरी माह की नियत की  हैं।

यह भी पढ़ें : एनएच 74 घोटाला मामले में एसडीएम, नायब तहसीलदार व बिचौलिये को जमानत

यह भी पढ़ें : एनएच 74 घोटाला मामले में एसडीएम, नायब तहसीलदार व बिचौलिये को जमानत