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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाईकोर्ट में लगाई गुहार, राज्य सरकार रोडवेज कर्मचारियों के दो माह का वेतन शीघ्र दे

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Tue, 19 May 2020 08:35 PM (IST)Updated: Wed, 20 May 2020 09:06 AM (IST)

हाईकोर्ट ने रोडवेज कर्मचारी यूनियन की तरफ से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार ...और पढ़ें

हाईकोर्ट में लगाई गुहार, राज्य सरकार रोडवेज कर्मचारियों के दो माह का वेतन शीघ्र दे
हाईकोर्ट में लगाई गुहार, राज्य सरकार रोडवेज कर्मचारियों के दो माह का वेतन शीघ्र दे

नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट ने रोडवेज कर्मचारी यूनियन की तरफ से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब पेश करने को कहा है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता द्वारा कोर्ट को अवगत कराया गया कि अभी तक कर्मचारियों के वेतन से कटा चार करोड़ यूपी सरकार ने नहीं दिया और रोडवेज की परिसम्पत्तियों के बंटवारे पर भी अभी तक दोनों सरकारों ने कोई निर्णय नहीं लिया। राज्य सरकार कोरोनाकाल में कर्मचारियों को दो माह का वेतन शीघ्र दे। मामले में कोर्ट ने सरकार से जवाब पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई।

उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा है कि सरकार उनके खिलाफ एस्मा लगाने जा रही है जो नियम विरुद्ध है। सरकार उन लोगों को हड़ताल करने पर मजबूर करती आई है। रोडवेज कर्मचारि‍यों को सरकार व परिवहन निगम न तो उनको नियमित कर रही है, न नियमित वेतन दिया जा रहा है। पिछले चार साल से ओवर टाइम अलग से कराया जा रहा है। रिटायर कर्मचारियों के भी देयकों का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

यूनियन का सरकार व निगम के साथ कई बार मांगों को लेकर समझौता हो चुका है उसके बाद भी सरकार एस्मा लगाने को तैयार है। जहां सरकार को निगम को 69 करोड़ रुपया बकाया देना है वही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा भी निगम को सात सौ करोड़ रुपया देना है। अगर सरकार व निगम इनको वसूले तो यूनियन व निगम की सारी समस्याएं इस धन राशि से ही सुलझ जाएंगी।