आवागमन सुचारु करने के लिए बर्फ पिघलाने को छिड़का गया दो सौ क्विंटल नमक nainital news
सरोवर नगरी में हिमपात के बाद बर्फ के ऊपर पाला जमने से फिसलन बढऩे के कारण बारापत्थर समेत शहर के आंतरिक सड़क मार्ग वाहन चालकों के लिए खतरे का सबब बने हैं।
नैनीताल, जेएनएन : सरोवर नगरी में हिमपात के बाद बर्फ के ऊपर पाला जमने से फिसलन बढऩे के कारण बारापत्थर समेत शहर के आंतरिक सड़क मार्ग वाहन चालकों के लिए खतरे का सबब बने हैं। बारापत्थर में पाला गिरने की वजह से कालाढूंगी से नैनीताल आने वाले वाहन बल्दियाखान-रूसी-खुर्पाताल बाइपास से नैनीताल पहुंचे। दोपहर बाद ही कालाढूंगी रोड पूरी तरह यातायात के लिए सुचारु हो सकी। बिड़ला रोड पर रोबोट से बर्फ हटाई गई। किलबरी-पंगठ, कुंजखड़क मार्ग को खोलने के लिए जेसीबी लगी है, इस मार्ग के शनिवार को खुलने की उम्मीद है। इस मार्ग के बंद होने से दर्जनों गांवों की हजारों की आबादी का जिला मुख्यालय ये दूसरे दिन भी संपर्क कटा रहा।
यातायत सुचारु करने का किया जा रहा है प्रबंध
नैनीताल स्थित दफ्तरों, होटलों व अन्य प्रतिष्ठानों मेें काम करने वाले लोग पैदल पहुंच रहे हैं जबकि इलाके से नैनीताल को होने वाली दूध की आपूर्ति बंद है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। लोनिवि के सहायक अभियंता योगेश डोबरियाल के अनुसार सड़कों पर बर्फ पिघलाने के लिए करीब दो सौ क्विंटल नमक का इंतजाम किया गया है। जेसीबी से बर्फ व पाले वाले स्थान पर नमक छिड़का जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों से बर्फ हटाने के लिए तीन जेसीबी व दो रोबोट लगाए गए हैं। यहां राजभवन रोड, ऑल सेंट्स रोड, रैमजे रोड को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
नहीं हटा विशालकाय पेड़
बर्फबारी से सीआरएसटी से जिला पंचायत कार्यालय को जाने वाले संपर्क मार्ग में विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़ा है। इस पेड़ से बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है जबकि आवासीय मकान को भी नुकसान पहुंचा। शुक्रवार को सुबह से शाम तक मजदूर पेड़ को हटाने में जुटे रहे मगर शाम तक वाहनों की आवाजाही के लायक नहीं हो सका। माल रोड बंदी के दौरान मल्लीताल से तल्लीताल तक दुपहिया वाहन इसी मार्ग से पहुंचते हैं।
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