नैनीताल, जागरण संवादाता : कुमाऊं विवि समेत अन्य विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव में संवैधानिक प्रावधानों का रोड़ा अटक गया है। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार छात्रसंघ का कार्यकाल एक साल का होगा, यदि दिसंबर में भी छात्रसंघ चुनाव हुए तो उनका कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा राज्य में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना भी दिसंबर में जारी होनी है।

दरअसल कुमाऊं विवि के परिसरों व सम्बद्ध महाविद्यालयों के छात्रनेता छात्रसंघ चुनाव कराने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। सरकार समर्थक विद्यार्थी परिषद के साथ ही कांग्रेस की स्टूडेंट विंग एनएसयूआई के बीच इस मुद्दे को लेकर आगे बढ़ने की होड़ मची है। कुमाऊं विवि छात्रसंघ निर्मात्री समिति की बैठक हो चुकी है। जिसमें कुलपति प्रो एनके जोशी के साथ ही महाविद्यालय प्राचार्य सामिल हुए थे।

एक साल का होता है कार्यकाल

लिंगदोह कमेटी की सिफारिश के बाद कुमाऊं विवि छात्रसंघ संविधान के अनुसार छात्रसंघ का कार्यकाल एक साल होगा, मगर यदि इस साल चुनाव हों तो भी दिसंबर से पहले चुनाव नहीं हो सकेंगे और फिर इसी बीच विधानसभा चुनाव की अधिसूचना भी जारी होनी है। यदि चुनाव दिसंबर अंतिम सप्ताह तक भी होते हैं तो कार्यकाल 30 जून को खत्म हो जाएगा। जो लिंगदोह कमेटी की सिफारिश के विपरीत होगा। इसके अलावा छात्रसंघ चुनाव की तिथि भी शासन द्वारा ही घोषित की जाती है।

सरकार के पाले में डाली गेंद

कुमाऊं विवि ने छात्रसंघ चुनाव होंगे या नहीं, यह पूरी तरह सरकार के पाले में डाल दिया है। राज्य सरकार का विश्विद्यालय होने के नाते विवि सरकार के आदेश मानने को बाध्य है, ऐसे में विवि चुनाव को लेकर सरकार के आदेश के इंतजार में है। डीएसबी परिसर निदेशक प्रो एलएम जोशी के अनुसार चुनाव का निर्णय पूरी तरह सरकार निर्भर है।

Edited By: Skand Shukla