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उत्तराखंड में 10 हेक्टेयर सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण, 28 Bulldozer से तोड़े 81 मकान

Published: Sun, 01 Nov 2026 10:19 AM (IST)Updated: Sun, 01 Nov 2026 10:31 AM (IST)

रामनगर में तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर 10 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस ...और पढ़ें

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जासं, रामनगर। नई बस्ती पुछड़ी गांव में तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने अपनी दस हेक्टेयर भूमि को पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई की मदद से अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। 28 बुलडोजरों से 81 पक्के मकानों को तोड़ा गया। क्षेत्र में निगरानी के लिए पुलिस व वन विभाग अपने ड्रोन कैमरे से नजर रखे हुए था।

अतिक्रमण स्थल पर आवाजाही रोकने को बेरिकेडिंग लगाए गए थे। जिले के पुलिस, प्रशासन व वन विभाग के अफसर अपने अपने 14 सेक्टर में मुस्तैद नजर आए। प्रत्येक सेक्टर में एक साथ अतिक्रमण हटना शुरू हुआ। तराई पश्चिमी वन प्रभाग की रामनगर रेंज के अंतर्गत पुछड़ी आरक्षित वन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश व रामनगर के ही खताड़ी, गुलरघटटी, ऊंटपड़ाव आदि क्षेत्र के लोग यहां आकर रहने लगे थे।

डेमाेग्राफी चेंज

यह क्षेत्र डेमाेग्राफी चेंज के रूप में भी देखा जा रहा था। यही वजह है कि पहले चरण में ट्रचिंग ग्राउंड व बिहारी टप्पर से पिछले सात दिसंबर को 25 हेक्टेयर में 52 भवन तोड़े गए थे। इस बार भी वन विभाग ने लगभग 90 अतिक्रमण चिन्हित किए थे। अतिक्रमण हटाने के लिए वन विभाग से बेदखली आदेश भी जारी हुए थे। इसमें नौ लोगों को कोर्ट के स्टे की वजह से छोड़ दिया।

शनिवार को दूसरे चरण में 81 पक्के एक मंजिले व दो मंजिला भवन तोड़े गए। वन विभाग, पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने गोपनीय तरीके से पूर्व में ही अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्ययोजना बना ली थी। बनभुलपुरा की घटना से सबक लेते हुए और पहले चरण के अभियान के अनुभव से पुलिस प्रशासन अपनी पूरी कार्ययोजना बनाकर एवं गांव की भौगोलिक स्थिति को समझकर अतिक्रमण हटाने उतरा।

मैन पावर के रूप में पुलिस प्रशासन व वन विभाग के एक हजार से अधिक कर्मचारी कार्रवाई में शामिल रहे। सुबह तीन बजे से पुलिस, प्रशासन व वन विभाग के अफसर व लोग महाविद्यालय से अतिक्रमण हटाने के लिए रवाना होते रहे। करीब पांच बजे बुलडोजरो ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। पूर्वान्ह 11 बजे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद अपरान्ह एक बजे तक मलबे को एक जगह पर एकत्र करने व अन्यत्र फेंकने की कार्रवाई हुई।

काम आया पहले का होमवर्क

रामनगर: इतने लंबे चौड़े क्षेत्र से एक साथ अतिक्रमण हटाने की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। पिछले साल भी न विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। चूंकि इस बार पक्के भवन थे और उनकी संख्या भी ज्यादा थी। पिछले साल का अतिक्रमण हटाने का अनुभव ही इस बार वन विभाग, पुलिस व प्रशासन के मददगार रहा। उसी लिहाज से वन विभाग ने होमवर्क किया था। शनिवार को हुई कार्रवाई में यही होमवर्क काम आया।

यह अधिकारी रहे मौजूद

कार्रवाई के दौरान एसपी सिटी हरबंश, डिप्टी कमाडेंट मनोज कत्याल, सीओ, एडीएम सौरभ असवाल, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान, नगर आयुक्त पारितोष वर्मा, प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, कालाढूगी के एसडीएम सुधीर कुमार, नैनीताल के एसडीएम नवाजी खलीक, धारी के एसडीएम अनुराग आर्य, तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पांडे, तहसीलदार मनीषा मारकाना, डीएफओ पुनीत तोमर, डीएफओ मनीष जोशी, डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया, एसडीओ संदीप गिरी, एसडीओ किरण ग्वासाकोटी, एसडीओ अंकित बडोला, कोतवाल सुशील कुमार, ईओ आलोक उनियाल मौजूद रहे।

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