गौरैया को घरौंदा व समाज को उम्मीद दे रहे राजेंद्र, लॉकडाउन में पेश की मिसाल Nainital News
लॉकडाउन की वजह से घरों में बंद लोग कई तरह के रचनात्मक कार्यों में अपना हुनर दिखा रहे हैं। काठगोदाम निवासी राजेंद्र ढैला ने इसकी मिसाल कायम की है।
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : लॉकडाउन की वजह से घरों में बंद लोग कई तरह के रचनात्मक कायरें में खुद को व्यस्त रख रहे हैं। राजेंद्र ढैला ने ऐसे समय में गौरैया के लिए घरौंदे तैयार कर समाज को सकारात्मक संदेश देने का काम किया है। काठगोदाम निवासी राजेंद्र ढैला रुद्रपुर स्थित टाटा मोटर्स कंपनी में काम करते हैं। लॉकडाउन के चलते फैक्ट्री कई दिनों से बंद है। पिछले दिनों राजेंद्र ने किताबों और घर के अन्य सामान को व्यवस्थित करने के लिए प्लाईवुड से रैक तैयार करने की फोटो फेसबुक पर अपलोड की थी, जिस पर कुछ लोगों ने कमेंट करते हुए गौरैया के लिए घोसले तैयार करने का सुझाव दिया। फिर क्या था। राजेंद्र काम में जुट गए और प्लाईवुड के छोटे-छोटे टुकड़ों से गौरैया के घोंसले तैयार कर दिए। फिर उन्हें घर में पड़े पुराने पेंट से खूबसूरत रंग दे दिया। लोगों को राजेंद्र की यह पहल काफी पसंद आ रही है। कई लोग खुद भी कुछ ऐसा काम आजमाने की बात कह रहे हैं।
हुड़के की थाप से लोगों का मनोरंजन
राजेंद्र ढैला कविता लिखने और गीत गाने के भी शौकीन हैं। वह फेसबुक और यूट्यूब पर लाइव आकर लोगों का मनोरंजन करते हैं। हुड़के की थाप पर गूंजते झोड़ा-चाचरी व कुमाऊंनी गीत काफी लोगों को पसंद आते हैं। इसमें भी अब वह अपना हुनर दिखा सकते हैं।
मेधावी ने वेस्ट को बनाया बेस्ट
कठघरिया निवासी शिक्षक भास्कर जोशी बच्चों को रचनात्मक कायरें में लगा रहे हैं। बिटिया मेधावी जोशी को वेस्ट मैटेरियल से फूलदान तैयार करना, रूमाल व रबर बैंड से मास्क बनाने का हुनर सीखा रहे हैं। इससे अन्य बच्चे भी प्रेरणा ले सकते हैं।
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