हल्द्वानी, जेएनएन : परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति वैसे ही खराब चल रही है। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान निगम की जो बसें ड्यूरी पर लगी थी, उनका भुगतान नहीं किया गया है और एक बार फिर से बसों को अधिग्रहीत करने की तैयारी शुरू हो गई है। चुनाव आयोग की ओर से विधानसभा चुनाव में नैनीताल मंडल से कुल 271 बसों की सेवाएं ली गई थी। इन बसों को पुलिस के लिए हायर किया गया। दो साल बाद भी बकाया धनराशि नहीं मिलने से निगम अधिकारी चिंतित हैं।

मानकों के कारण अब तक नहीं हो पाया भुगतान

परिवहन निगम द्वारा चुनाव के समय तय किए गए मानकों के अनुसार मैदानी मार्गों पर संचालित होने वाली 52 सीटर बसों का आठ घंटे का किराया 20,384 रुपये और पर्वतीय मार्गों पर संचालित होने वाली 32 सीटर बसों का 15,972 रुपये किराया तय किया गया था। यह बसें पुलिस के लिए किराये पर ली गई थी। पुलिस विभाग के अनुसार परिवहन अनुभाग एक के तहत सामान्य निर्वाचन कार्यों में उपयोग होने वाली बसों का भाड़ा मैदानी इलाकों के लिए 1445 रुपये एवं तेल और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 1124 रुपये एवं तेल तय किया गया था। जिसको देखते हुए विभाग ने निगम द्वारा पेश किए गए बिल पर आपत्ति जताते हुए बिल संशोधित कर पुन: पेश करने को कहा है।

निगम के अनुसार पुलिस विभाग पर बकाया राशि

1- पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा                  64,71,710.00

2- पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंह नगर        70,85,844.00

3- पुलिस अधीक्षक बागेश्वर                  22,68,638.00

4- पुलिस अधीक्षक नैनीताल                 52,09,420.00

बकाया भुगतान को लेकर की गई है वार्ता

दीपक जैन, महाप्रबंधक परिवहन निगम ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2017 में पुलिस ड्यूटी पर लगी बसों के बकाया भुगतान को लेकर पुलिस विभाग से वार्ता की गई है। विभाग द्वारा जल्द ही भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया गया हैं।

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Posted By: Skand Shukla

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