विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऋषिकेश में सार्वजनिक भूमि पर सड़क के किनारे बने मंदिर को दो माह में हटाने के आदेश

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Thu, 19 Mar 2020 02:06 PM (IST)Updated: Fri, 20 Mar 2020 08:44 AM (IST)

हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में सार्वजनिक भूमि पर सड़क के किनारे बने मंदिर को दो माह में हटाने के आदेश दिए हैं।

ऋषिकेश में सार्वजनिक भूमि पर सड़क के किनारे बने मंदिर को दो माह में हटाने के आदेश
ऋषिकेश में सार्वजनिक भूमि पर सड़क के किनारे बने मंदिर को दो माह में हटाने के आदेश

नैनीताल, जेएनएन :  हाई कोर्ट ने ऋषिकेश में सार्वजनिक भूमि पर सड़क किनारे बने सांई मंदिर को दो माह कि भीतर हटाने के आदेश पारित किए हैं। मंदिर समिति मंदिर हटाने के प्रशासन के नोटिस के खिलाफ खुद हाई कोर्ट पहुंची थी।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में गुरुवार को मामले की सुनवाई की। दरअसल चार मार्च 2020 को हाई कोर्ट ने सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से बने धार्मिक स्थलों को 23 मार्च तक हटाने के आदेश पारित किए थे। इस आदेश के अनुपालन में ऋषिकेश के स्थानीय प्रशासन द्वारा सांई सेवा समिति को भी सड़क के किनारे निर्मित सांई मंदिर को हटाने का नोटिस दिया गया। इस नोटिस पर रोक लगाने के लिए सांई सेवा समिति द्वारा याचिका दायर की गई। यहां उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 सितंबर 2009 में एक आदेश जारी किया। जिसमें सभी राज्यों को सार्वजनिक स्थानों व सरकारी भूमि पर 29 सितंबर 2009 के बाद अतिक्रमण कर बनाए गए मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च को हटाने को कहा था, लेकिन अभी तक उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया। खंडपीठ ने मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए दो माह के भीतर मंदिर को हटाने का आदेश दिया है।

यह भी पढ़ें : प्रमोशन में आरक्षण खत्म : कुमाऊं के 80 हजार अफसर-कर्मचारियों को फायदा

यह भी पढ़ें :17 दिनों से जारी जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल खत्‍म, मांगे पूरी होने पर मनाया जश्‍न 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।