जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : जिले में संप्रदाय विशेष के लिए कालोनी बनाई जा रही है। इसका प्रचार उत्तर प्रदेश के बहेड़ी व रामपुर के बिलासपुर में बकायदा बैनर व पोस्टर से किया जा रहा है। पंफलेट भी बांटा जा रहा है। जिसपर लिखा है- 'रुद्रपुर के ग्राम लालपुर में पहली बार मुस्लिम कालोनी काटी जा रही है। एक हजार से दो हजार स्क्वायर फिट के प्लाट उपलब्ध हैं। 50 वर्ग गज का प्लाट मात्र 2.50 लाख में। बुकिंग पर विशेष आफर। भुगतान आसान मासिक किस्तों में। बुकिंग भी सिर्फ संप्रदाय विशेष के लिए।

उत्तर प्रदेश के बहेड़ी व बिलासपुर के साथ ही जिले में भी कालोनी के संबंध में जगह-जगह बैनर लगाए गए हैं। बुकिंग के लिए बकायदा जनता इंटर कालेज के पास दफ्तर का पता भी दिया गया है। हालांकि संप्रदाय विशेष के नाम पर कालोनी का विरोध भी शुरू हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कोई धर्म व जाति के आधार पर कालोनी कैसे बना सकता है। मजहब के नाम से सीमावर्ती जनपद में कालोनी के पीछे बड़ा खेल भी हो सकता है। जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष दिवाकर पांडे ने बताया कि लोकतंत्र में किसी को जाति, धर्म के नाम से कालोनी बनाने का हक नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। खासकर यह तराई के लिए ठीक नहीं है।

जनसांख्यिकी बदलाव पर चेता चुकी है सरकार प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में तेजी से हो रहे डेमोग्राफिक चेंज (जनसांख्यिकी बदलाव) पर सरकार पहले ही चेता चुकी है। ऊधमसिंह नगर में तो संप्रदाय विशेष की बढ़ती आबादी के प्रति अलर्ट भी किया है। असल में यहां की जनसंख्या में हाल के दिनों में तेजी से इजाफा हुआ है। इसमें भी संप्रदाय विशेष के व्यक्तियों के बसने और जमीन खरीदने के मामले तेजी से बढ़े हैं। एसपी क्राइम मिथिलेश सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कालोनाइजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डीडीए उपाध्यक्ष हरीश चंद्र कांडपाल का कहना है कि संप्रदाय विशेष के नाम पर कालोनी व प्लाटिंग का किसी को अधिकार नहीं है। हमने किसी को ऐसी अनुमति भी नहीं दी है। कालोनाइजर से सभी दस्तावेज तलब किए जाएंगे।

Edited By: Prashant Mishra