ग्रहों की युतियां और पूर्णिमा का चांद अक्टूबर को बनाएगा खास, कई खगोलीय घटनाओं का देखने को मिलेगा रोमांच
अक्टूबर का महीना खगोल प्रेमियों के लिए खास होने वाला है, जिसमें ग्रहों की युतियां, उल्कापात और पूर्णिमा का चांद ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
रमेश चंद्रा, नैनीताल। खगोलीय घटनाओं के दीदार के सर्वाधिक महत्वपूर्ण अक्टूबर का महीना खास होने जा रहा है। इस माह होने जा रही खगोलीय घटनाएं विज्ञानियों समेत खगोल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेंगी। जिनमें ग्रहों की युतियां, उल्कापात और पूर्णिमा का
चांद धरा को रोशन करेगा और अपनी सुंदरता के लिए मशहूर शुक्र ग्रह यानी वीनस इस माह के अंत में आंखों से ओझल होने जा रहा है।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार अपनी सुंदरता से स्याह आसमान में चार चांद लगाने वाला शुक्र ग्रह इस महीने आँखों से ओझल होने जा रहा है। शुक्र ग्रह की साल में दो विपरीत स्थितियां बनती हैं।
वर्ष में छः माह सुबह नजर आता है तो छः माह शाम को नजर आता है। इसलिए शुक्र को मॉर्निंग स्टार और इवनिंग स्टार के नाम से भी जाना जाता है। अब इसके मॉर्निंग स्टार बनने का समय नजदीक आ गया है। इसके चलते शुक्र कुछ समय के लिए आंखों से ओझल होने जा रहा है। इसकी वजह सूर्य के साथ कोणीय दूरी होगी, जो सूर्य के निकट होने के कारण अत्यधिक रोशनी के कारण दिखाई नहीं देगा।
यह स्थिति 24 अक्टूबर को आएगी। जिसे इंफेरियर कंजशन कहा जाता है। इसके बाद शुक्र और सूर्य के बीच कोणीय दूरी बढ़नी शुरू होने लगती है और 21नवंबर के मध्य से भारत सहित उत्तरी गोलार्ध के कई क्षेत्रों से सूर्योदय से पहले पूर्वी आकाश में देखा जा सकेगा। अक्टूबर का महीना खगोलप्रेमियों के लिए खास रहने वाला है।
इस महीने साफ और प्रकाश प्रदूषण से दूर स्थानों से दूर पांच और छह अक्टूबर की सुबह चंद्रमा , लाल ग्रह मंगल और बृहस्पति के करीब होंगे। यह इन तीनों ग्रहों को नग्न आंखों से देखा जा सकेगा। आठ अक्टूबर की रात को ड्रेकोनिड उल्कापात की घटना चरम पर रहेगी, यानी आसमानी आतिशबाजी का रोमांचक नजारा देखने को मिलेगा।
अमावस्या के कारण जलती उल्काओं को देखने की संभावना बेहतर रहेगी। 10 अक्टूबर को हमारी पड़ोसी आकाशगंगा एंड्रोमीडा को को देखने का सुनहरा मौका होगा, जो नग्न आंखों से धुँधली नजर आएगी, लेकिन दूरबीन के जरिए बाखूबी निहारा जा सकता है।
इसी दौरान बुध ग्रह के दर्शन भी संभव हो सकेंगे। बुध और सूर्य के बीच दूरी बढ़ने के कारण बुध को आसानी से देखा जा सकेगा। इस महीने की सर्वाधिक आकर्षित करने वाली घटना ओरायनिड उल्कापात की खगोलीय घटना होगी। यह 21 अक्टूबर की रात होगी।
अंधेरी जगह से रात के दूसरे पहर और भोर से पहले इस अतिथि घटना को देखने की संभावना बेहतर रहती है। इसके ना 26 अक्टूबर को पूर्णिमा का चंद्रमा आसमान को रोशन करने जा रहा है। इसे हंटर मून भी कहा जाता है। इस दौरान चन्द्रमा की चमक बड़ी हुई होगी तो आकार में कुछ बड़ा नजर आएगा।
स्टार गेजिंग के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण अक्टूबर का महीना
डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार स्टार गेजिंग के लिए अक्टूबर का महीना सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है। मानसून थम चुका होता है और गगन वायु प्रदूषण से मुक्त होता है। लिहाजा ग्रह नक्षत्रों के साथ आकाशीय घटनाओं को बखूबी निहारा जा सकता है। मौसम के लिहाज से भी यह खास रहता है।
इस कारण ठंड और गर्मी से परे अंधेरी रातों में महागारों की कृत्रिम रोशनी से दूर जाकर लुत्फ उठाया जा सकता है। विज्ञानियों के खगोलीय अध्ययन के लिए महीना खास माना जाता है। समय की गणना और सौर मंडल के ग्रहों का अध्ययन कर काल गणना की पुष्टि की जाती है।
