विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड में आशिकों का जाल: विदेशी मजनू और देसी दिल, 'लव यू' बोल लगा रहे लाखों का चूना

Published: Wed, 04 Nov 2026 04:14 PM (IST)Updated: Wed, 04 Nov 2026 04:20 PM (IST)

नकली विदेशी आशिक बनकर साइबर ठग महिलाओं को प्रेमजाल में फंसा रहे हैं, जिससे अब तक 13.79 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

पुष्कर अधिकारी, हल्द्वानी। नकली विदेशी आशिक बनकर साइबर ठग नैनीताल जिले की महिलाओं को प्रेमजाल में फंसा रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर दोस्ती, प्यार और विदेश से महंगे गिफ्ट, सोना आदि भेजने का झांसा देकर पहले भरोसा जीतते हैं, फिर कभी पार्सल में मादक पदार्थ मिलने तो कभी कस्टम कार्रवाई का डर दिखाकर खाते खाली कर देते हैं। जिले में ऐसे चार मामलों में महिलाओं से 13.79 लाख रुपये की ठगी की जा चुकी है।

हाल ही में विदेशी आशिकों ने काठगोदाम क्षेत्र में योग की कक्षाएं चलाने वाली एक महिला को अपने झांसे में लिया। इसके बाद बातचीत के दौरान विदेश से महंगा उपहार भेजने की बात कही गई। कुछ समय बाद एयरपोर्ट से फोन आया कि पार्सल में मादक पदार्थ मिला है। कार्रवाई का डर दिखाकर महिला से करीब साढ़े तीन लाख रुपये ठग लिए गए।

रामनगर निवासी एक महिला को भी विदेशी गिफ्ट भेजने का झांसा देकर 1.20 लाख रुपये की चपत लगाई गई। वहीं, मुखानी क्षेत्र में रहने वाली एक मिस्त्री की पत्नी से इसी तरह 49 हजार रुपये ऐंठ लिए गए। चौथे मामले में काठगोदाम निवासी एक महिला को सीबीआइ और कस्टम अधिकारी बनकर ठगों ने निशाना बनाया। जांच और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे 8.60 लाख रुपये ठग लिए गए।

कैटफिशिंग से पिग बुचरिंग तक ठगी का खेल

रोमांस स्कैम को कैटफिशिंग या पिग बुचरिंग भी कहा जाता है। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया और मैट्रिमोनियल साइटों पर विदेशी नागरिकों की तस्वीरों से फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं। लगातार बातचीत कर भावनात्मक रिश्ता कायम करते हैं।

फर्जी पहचान से भरोसा जीतने के इस तरीके को कैटफिशिंग कहते हैं। इसके बाद निवेश या अन्य बहानों से बड़ी रकम ऐंठने की प्रक्रिया पिग बुचरिंग कहलाती है। कई मामलों में निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग भी की जाती है।

आनलाइन मिले किसी भी व्यक्ति पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। निजी तस्वीरें, ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें। ठगी होने पर तत्काल 1930 पर काल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। - बीएल कुशवाहा, एएसआइ साइबर विशेषज्ञ

यह भी पढ़ें- 13 राज्यों में साइबर ठगी, हाथरस के बैंक अकाउंट में मिले ₹10.39 लाख, खाताधारक पर केस दर्ज

यह भी पढ़ें- साइबर ठगी के लिए बांटे 70 बैंक खाते, दिल्ली पुलिस ने छह दबोचे; तिहाड़ जेल में बंद आरोपित से जुड़े तार

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।