नैनीताल जिले की इन सीटों पर पिछले चुनाव में जितने वोटों से तय हुई थी हार-जीत, एसआईआर में उससे ज्यादा घट गए
एसआईआर प्रक्रिया के बाद नैनीताल जिले की मतदाता सूची में भारी कमी आई है, जिससे चुनावी समीकरण बदलने की संभावना ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। एसआइआर के बाद जारी हुई नई मतदाता सूची से नैनीताल जिले की छह विधानसभाओं के चुनावी गणित में बदलाव की संभावना है। हर सीट पर 2022 के मुकाबले वोटर घटे हैं। हल्द्वानी और नैनीताल विधानसभा में विजयी उम्मीदवार की जीत के अंतर से ज्यादा वोटर कम हुए हैं।
छूटे नाम को जुड़वाने के लिए फार्म छह भरना होगा। सत्यापन के बाद पात्र लोग मतदाता सूची में शामिल हो जाएंगे। नैनीताल जिले में छह विधानसभा आती हैँ। 2022 में हल्द्वानी सीट से कांग्रेस के सुमित हृदयेश जीते थे, जबकि पांच सीट भाजपा के खाते में चली गईं।
रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल से राम सिंह कैड़ा, नैनीताल से सरिता आर्य, लालकुआं से डा. मोहन सिंह बिष्ट और कालाढूंगी से बंशीधर भगत ने बाजी मारी थी। वहीं, एसआइआर प्रक्रिया के बाद जारी हुई मतदाता सूची के हिसाब से हल्द्वानी में 31300 मतदाता कम हुए हैं।
सुमित 7814 वोटों के अंतर से जीते थे। नैनीताल सीट पर पिछले चुनाव के मुकाबले 17612 नाम कम हुए हैं। सरिता आर्य 7881 वोटों से जीती थीं। मतदाता सूची के शुद्धीकरण के बाद लालकुआं में 12967 नाम कम हो गए।
| विधानसभा क्षेत्र | जीत का अंतर | SIR बाद कम हुए वोटर |
| लालकुआं | 17,527 | 12,967 |
| भीमताल | 9,844 | 3,920 |
| नैनीताल | 7,881 | 17,612 |
| हल्द्वानी | 7,814 | 31,300 |
| कालाढूंगी | 23,931 | 7,775 |
| रामनगर | 4,745 | 10,291 |
नोट: जीत के अंतर से जुड़े आंकड़े इलेक्शन कमीशन की बेवसाइट से लिए गए हैं।
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