Updated: Sat, 30 Aug 2025 08:30 PM (IST)
उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी में मध्य प्रदेश के 37 वन रेंजरों का 18 महीने का प्रशिक्षण पूरा हुआ। उन्हें ताइक्वांडो और कलारीपयट्टू जैसे मार्शल आर्ट सिखाए गए। दीक्षांत समारोह में अक्षय को स्वर्ण पदक मिला। वन रेंजरों ने ड्रोन संचालन और वन अग्नि प्रबंधन का भी प्रशिक्षण लिया। अधिकारियों ने उन्हें प्रकृति का संरक्षक बताया और वनों की रक्षा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
जागरण संवददाता, हल्द्वानी। उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी में मध्यप्रदेश के 37 नव नियुक्त वन क्षेत्राधिकारियों का 18 माह का प्रशिक्षण पूरा होने पर भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में वन क्षेत्राधिकारी प्रशिक्षुओं को देशभर के विभिन्न राष्ट्रीय पार्क, वन्यजीव अभ्यारण्य में भ्रमण करवाया गया।
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साथ ही जंगल में तस्करों से लड़ने के लिए इन्हें ताइक्वांडो व कलारीपयट्टू जैसे मार्शल आर्ट भी सिखाए गए हैं। शनिवार को उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित दीक्षा समारोह में वन अनुसंधान प्रशिक्षण एवं प्रबंधन के अपर प्रमुख वन संरक्षक डा. विवेक पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत में पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इसमें प्रशिक्षु वन क्षेत्राधिकारियों ने कदमताल करते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी।
इसके बाद पंडित नैन सिंह आडिटोरियम में मुख्य अतिथि डा. विवेक ने अपने संबोधन में सभी प्रशिक्षित वन क्षेत्राधिकारियों को प्रशिक्षण पूरा होने की बधाई दी। कहा कि वन क्षेत्राधिकारी प्रकृति के संरक्षक हैं, उनका कर्तव्य केवल वनों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि हमारी भावी पीढ़ियां भी इस अमूल्य धरोहर का आनंद ले सकें।
इस दौरान मध्यप्रदेश के अक्षय सिंह को स्वर्ण पदक, अनीता सूर्यवंशी को रजत पदक, मनीष शर्मा को कांस्य पदक प्रदान किया गया। साथ ही अनीता सूर्यवंशी को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी की ट्राफी से भी नवाजा गया। इसके अतिरिक्त सर्वश्रेष्ठ परेड कमांडर व विभिन्न विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले पांच अन्य प्रशिक्षार्थियों को भी ट्राफी प्रदान की गई।
वन क्षेत्राधिकारियों को यह प्रशिक्षण भी दिए गए
वन क्षेत्राधिकारियों ने 18 माह में 19 विषयों का सैद्धांतिक व व्यवहारिक ज्ञान लिया। इसमें उन्हें ड्रोन प्रशिक्षण, वन अग्नि प्रबंधन, ट्रैक्यूलाइजिंग गन, कैमरा ट्रैप सिखाया गया। इसके साथ ही उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को मजबूत बनाने के लिए नियमित व्यायाम, खेलकूद, योग, ट्रैकिंग, तैराकी, ड्राइविंग क्लास भी दी गई।
यह अधिकारी रहे मौजूद
मुख्य वन संरक्षक डा. तेजस्विनी अरविंद पाटिल, उप वन संरक्षक डा. अभिलाषा सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बांगरी, प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन कुमार, उप निदेशक मंयक मेहता, उप निदेशक सूरज तिवाड़ी, उप निदेशक आशीर्वाद कटियार, सहायक वन संरक्षक सुधीर कुमार, वन क्षेत्राधिकारी अंजनी आदि मौजूद रहे।
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