Nainital News: ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए 97 लाख का प्लान... नैनीताल और कैंचीधाम के साथ हल्द्वानी को मिलेगी राहत
नैनीताल कैंची धाम और हल्द्वानी में जाम की समस्या से निपटने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान 97 लाख रुपये की लागत से यातायात प्लान बनाएगा। संस्थान ने सर्वे पूरा कर बजट मांगा है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर यह कदम उठाया जा रहा है जिससे पर्यटकों को जाम से राहत मिलेगी और व्यवस्था सुधरेगी।

नरेश कुमार, नैनीताल। नैनीताल समेत कैंची धाम व हल्द्वानी में विकट होती जाम की समस्या से अब केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान निजात दिलाएगा। करीब 97 लाख की लागत से इन तीनों ही स्थलों का यातायात प्लान बनाया जाएगा। संस्थान विशेषज्ञों ने बीते माह सर्वे कार्य पूरा कर लोनिवि से बजट की मांग की है। बजट मिलने पर संस्थान की ओर से प्लान बनाकर संबंधित विभागों द्वारा उसका क्रियान्वयन किया जाएगा।
बता दें कि जिले में पर्यटन कारोबार में विस्तार के बाद वाहनों का दबाव बेहद बढ़ गया है। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में वाहनों का दबाव बढ़ने पर पर्यटकों व स्थानीय लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। यही स्थिति हर वीकेंड पर होने लगी है। वहीं कैंची धाम नई चुनौती बनकर सामने आया है।
शटल सेवा से सैलानियों को भेजा जा रहा है
प्रशासन व पुलिस की ओर से विशेष यातायात प्लान बनाकर शटल सेवा से पर्यटकों को नैनीताल व कैंची धाम भेजा जा रहा है। मगर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए यह व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है। नैनीताल शहर व अन्य पर्यटन स्थलों में यातायात व पार्किंग की समस्या को लेकर दायर जनहित याचिका पर 13 मई को सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान को नैनीताल व अन्य पर्यटन स्थलों की सड़कों का सर्वे कर रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
जिसके तहत बीते माह संस्थान विशेषज्ञों ने नैनीताल, कैंची धाम, हल्द्वानी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने वाहनों के दबाव का आंकलन कर जाम के कारणों की जांच की।
सीआरआरआई की ओर से नैनीताल, हल्द्वानी व कैंची धाम का यातायात प्लान बनाने के लिए 97 लाख बजट की मांग की है। संस्थान की ओर से प्राप्त प्रस्ताव प्रमुख अभियंता को भेज दिया गया है। - रत्नेश कुमार सक्सेना, लोनिवि अधिशासी अभियंता
सर्वे कर बनेगा इंटेलीजेंट ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम
रत्नेश कुमार सक्सेना ने बताया कि सीआरआरआई सभी स्थलों का विभिन्न वैज्ञानिक विधियों से अध्ययन करने के बाद सुगम यातायात प्लान तैयार करेगा। जिसमें यातायात प्लान, जरुरत मुताबिक चौड़ीकरण, अतिक्रमण ध्वस्तीकरण, टोल विस्थापन जैसे कार्य शामिल रहेंगे। बजट उपलब्ध होने के कारण एक साल में यह प्लान तैयार किया जा सकेगा।
विभिन्न अध्ययनों से सड़कों में वाहनों का दबाव, पार्किंग स्थलों की उपलब्धता व क्षमता जैसे बिंदुओं को शामिल कर इंटेलीजेंट ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जाएगा। जिसके लिए मोबाइल एप भी बनाया जाएगा। जिसके जरिये पर्यटक अपने फोन पर ही जाम, पार्किंग स्थलों की उपलब्धता जैसी जानकारी हासिल कर पायेंगे।
हाई कोर्ट के निर्देश धरातल पर उतरे तो सुधर जाएगी व्यवस्था
नैनीताल समेत समीपवर्ती पर्यटन स्थलों में बढ़ते वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने को लेकर हाई कोर्ट के निर्देंशा मील का पत्थर साबित होंगे। कोर्ट ने 13 मई को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीआरआरआई को राज्य सरकार के निर्देशों पर सड़कों का सर्वे कर तीन माह में रिपोर्ट पेश करने।
आईआईटी रुड़की के सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यृट को क्षेत्र की भौगोलिक भार वहन क्षमता की जांच करने के निर्देश दिये थे। कोर्ट के निर्देशों को संबंधित विभागों ने अमलीय जामा पहनाना शुरू कर दिया है। जल्द प्लान बनाकर उसका धरातल पर क्रियान्वयन हुआ तो व्यवस्थाओं में बेहद सुधार होगा।
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