Nainital High Court: सहकारी बैंकों में 'ग्रुप-डी' की भर्ती को लेकर फैसला आज, चयनित अभ्यर्थियों की बढ़ी धड़कनें
Group D Recruitment In Co-operative Banks हरिद्वार निवासी प्रियांशु त्यागी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि 2020 में प्रदेश के सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के लिए 423 पदों के लिए जारी विज्ञप्ति में भर्ती प्रक्रिया के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई। अब हाई कोर्ट (High Court) के आदेश पर इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर संशय के बादल छटेंगे। आज इस मामले में सुनवाई तय है।

जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट (High Court) ने प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों में ग्रुप डी की भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमिताओं के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई तय है।
भर्ती प्रक्रिया में पाई गई थी अनियमितताएं
हरिद्वार निवासी प्रियांशु त्यागी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि 2020 में प्रदेश के सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के लिए 423 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी हुई थी, जिसमें भर्ती प्रक्रिया के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई। इस भर्ती प्रक्रिया में अधिकारियों व नेताओं के रिश्तेदारों का चयन किया गया। अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर भर्ती का आरोप भी है।
अब हाई कोर्ट (High Court) के आदेश पर इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर संशय के बादल छटेंगे। सरकार के रुख को लेकर चयनित अभ्यर्थियों की निगाह हैं।
वर्ष 2020 में चतुर्थ श्रेणी के लिए जारी हुई थी विज्ञप्ति
हरिद्वार निवासी प्रियांशु त्यागी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि 2020 में प्रदेश के सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के लिए 423 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी हुई थी, जिसमें भर्ती प्रक्रिया के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई।
भर्ती प्रक्रिया में अधिकारियों के रिश्तेदारों के चयन का आरोप
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस भर्ती प्रक्रिया में अधिकारियों व नेताओं के रिश्तेदारों का चयन किया गया और कई अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर भर्ती की जा रही है। इसकी शिकायत ज्वालापुर हरिद्वार से विधायक सुरेश राठौर द्वारा मुख्यमंत्री से की गई परन्तु इस पर कोई कार्यवाही नही हुई।
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दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
समाचार पत्रों में अनियमितताएं की खबर छपने के बाद मुख्य सचिव के निर्देश पर सचिव सहकारिता ने हरिद्वार (Haridwar) में इस भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया। हालांकि नैनीताल, अल्मोड़ा, देहरादून व पिथौरागढ़ में इसके बाद भी भर्तियां की गई। याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में कहा है कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।
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