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मधुमिता शुक्ला हत्याकांड पर बड़ा अपडेट, जेल से रिहा होगा शूटर संतोष... रिहाई का रास्ता साफ

Published: Sat, 31 Oct 2026 12:35 PM (IST)Updated: Sat, 31 Oct 2026 12:36 PM (IST)

कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के दोषी शूटर संतोष कुमार राय समेत तीन कैदियों की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

हाई कोर्ट ने रिहा करने के दिए आदेश, राज्यपाल की मुहर के बाद लेगा खुली हवा में सांस।

हाई कोर्ट ने रिहा करने के दिए आदेश, राज्यपाल की मुहर के बाद लेगा खुली हवा में सांस।

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संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, नैनीताल। उत्तर प्रदेश की सियासत में खलबली मचाने वाले कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में उम्र कैद की सजा पूरी कर चुका शूटर संतोष कुमार राय सहित उत्तराखंड के गंभीर अपराध में सजायाफ्ता दीप चंद्र तथा दलीप सिंह दल्लू की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

दीप व दलीप भी जेल में 30 साल से अधिक सजा काट चुके हैं। सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है जबकि अब राज्यपाल की हरी झंडी के बाद इन कैदियों की जेल से रिहाई हो जाएगी। हाई कोर्ट ने इन कैदियों की रिहाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी उम्र कैद की सजा काट चुके कैदियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब मांगा था।

स्वत: संज्ञान

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के इसका स्वत: संज्ञान लिया था जबकि कैदियों की ओर से भी याचिकाएं दायर की गई थी। शुक्रवार को इस मामले में न्याय मित्र बनाए गए वरिष्ठ अधिवक्ता टीएस विर्क ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर बताया कि तीनों कैदियों की रिहाई को सरकार तैयार है।

यह मामला सरकार की समयपूर्व रिहाई नीति से जुड़ा है। इस याचिका में 14 साल से इससे अधिक समय से जेल में बंद कैदियों का मामला उठाया गया था। तमाम कैदी 25 साल से अधिक की कैद काट चुके हैं। कैदी संतोष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीषा भंडारी व अन्य ने तर्क दिया कि सरकारी नीति के तहत पात्र कैदियों का कानून का पालन करते हुए राहत मिलनी चाहिए और उम्र कैद का कतई यह अर्थ नहीं होना चाहिए कि किसी कैदी को हर हाल में जीवन भर जेल में ही रखा जाए। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से नई सूची पेश की गई।

सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि समय पूर्व कैदियों की रिहाई के लिए गठित समिति की जुलाई व सितंबर में बैठक हो चुकी है और पात्र कैदियों को चरणबद्ध तरीके से रिहा किया जा रहा है। अब तक 30 से अधिक कैदियों की रिहाई का रास्ता खुल चुका है।

2003 में सुनाई थी उम्र कैद की सजा

नैनीताल: उत्तर प्रदेश की चर्चित कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड मामले में शूटर संतोष कुमार राय उर्फ सत्यप्रकाश 2003 में हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से जेल में बंद है। देहरादून फास्टट्रैक कोर्ट से मिली उम्र कैद की सजा को 2012 में उत्तराखंड हाई कोर्ट व 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई कोर्ट के निर्णय पर मुहर लगाई थी।

2007 को इस हत्याकांड में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी, उनकी पत्नी मधुमणि, रोहित चतुर्वेदी और शूटर संतोष को उम्र कैद तथा जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। 2016 में चमोली में जेलर पर हमले में भी संतोष का नाम आया था।

2024 में हाई कोर्ट ने 75 वर्षीय बीमार पिता के इलाज के आधार पर तीन माह की अंतरिम जमानत दी थी। इस हत्याकांड के एक और शूटर प्रकाश पाण्डे की कैंसर से मौत हो चुकी है। कैदी संतोष कुमार राय वर्तमान में उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले की सितारगंज जेल में सजा काट रहा है।

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