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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुमाऊं का पहला आध्यात्मिक गांव बनेगा कटारमल, कत्यूरी वंश के शासक की है धरोहर

By Prashant MishraEdited By:
Published: Thu, 09 Dec 2021 04:14 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 09 Dec 2021 04:15 PM (GMT+05:30)

कत्यूरी वंश के शासक राजा कटारमल की ओर से इसे बनवाया गया था। उत्तर भारत की कत्यूर वास्तुकृतियों में विशिष्ट ...और पढ़ें

जिले की देश और विदेश में अलग पहचान बनने के साथ पर्यटन विकास में भी पंख लगेंगे।
जिले की देश और विदेश में अलग पहचान बनने के साथ पर्यटन विकास में भी पंख लगेंगे।

जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : कुमाऊं के एकमात्र सूर्य मंदिर के लिए प्रसिद्ध कटारमल पहले अध्यात्मिक गांव के रूप में विकसित होगा। स्वदेश दर्शन योजना के तहत 13 करोड़ रुपयों की लागत से गांव आध्यात्मिक गंतव्य (स्प्रिचुवल डेस्टिनेशन) के रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे जिले की देश और विदेश में अलग पहचान बनने के साथ पर्यटन विकास में भी पंख लगेंगे।

पहाड़ों में अनुकूल मौसम व शांत वातावरण हमेशा से ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में न सिर्फ पर्यटक बल्कि भारी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचते हैं। नगर से करीब 13 किमी दूर कटारमल स्थित कुमाऊं के एकमात्र सूर्य मंदिर में भी सीजन में काफी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। कोणार्क के बाद भगवान सूर्य के धाम के रूप में सबसे पहले कटारमल स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर का नाम लिया जाता है। सैकड़ों वर्ष पूर्व कत्यूरी वंश के शासक राजा कटारमल की ओर से इसे बनवाया गया था। उत्तर भारत की कत्यूर वास्तुकृतियों में विशिष्ट स्थान रखने वाली धरोहर अब को अध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। स्वदेश दर्शन योजना के तहत क्षेत्र में कैफे, योग केंद्र और ध्यान केंद्र जैसी सुविधाएं शुरू होंगी। जिसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाया जा रहा है। 13 करोड़ की लागत से गांव में तमाम कार्य किए जाएंगे।

स्थानीय लोगों के लिए रोजगार की भी संभावनाएं

कटारमल सूर्य मंदिर के अध्यात्मिक गांव बनने से यहां स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। गांव में स्थानीय रुप से निर्मित उत्पादों के लिए एक बाजार भी स्थापित किया जाएगा। गांव में 15 होमस्टे बनाए जा रहे हैं। सभी होम स्टे स्थानीय लोगों की ओर से संचालित किए जाएंगे। 

जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे का कहना है कि कटारमल को अध्यात्मिक गांव के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। तमाम कार्य वहां हो चुके हैं। जल्द ही गांव अध्यात्मिक रूप में विकसित होगा।