नैनीताल, [किशोर जोशी]: प्रसिद्ध कैलास मानसरोवर यात्रा की प्रारंभिक तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं। विदेश मंत्रालय ने सीमांत पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र से होकर जाने वाले पैदल रास्तों को 31 मार्च तक दुरुस्त करने का टारगेट भारत तिब्बत सीमा पुलिस तथा सीमा सड़क संगठन को दिया है, लेकिन इस बार यात्रा करीब 13 हजार रुपये महंगी हो जाएगी। दरअसल इसके लिए यात्रा संयोजक कुमाऊं मंडल विकास निगम ने विदेश मंत्रालय को प्रस्ताव सौंप दिया है। यात्रा तैयारियां को लेकर विदेश मंत्रालय की अगली बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगना करीब-करीब तय है।

कुमाऊं मंडल विकास निगम को कैलास मानसरोवर यात्रा में शामिल प्रति यात्री 35 हजार चुकाने होते हैं। 2017 की यात्रा में पिथौरागढ़ के मालता हादसे के बाद निगम को सुरक्षित यात्रा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े थे। कैलास व आदि कैलास यात्रा में बस का ही खर्च करीब 20 लाख अतिरिक्त हो गया। 

इसके अलावा महंगाई को देखते हुए निगम प्रबंधन को यात्रा महंगी करने के लिए मजबूर हुआ है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने बताया कि निगम ने विदेश मंत्रालय को यात्रा को लेकर प्रति यात्री किराया 35 हजार से बढ़ाकर 48 हजार रुपये देने का प्रस्ताव सौंपा है।

पड़ावों पर सुविधाएं बढ़ेंगी

निगम के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने बताया कि इस बार पिथौरागढ़ के कालापानी, नाभीढांग, गूंजी, बूंदी, गाला में इस बार यात्रियों के लिए सुविधाओं से लैस फाइबर हट्स तैयार हैं। विदेश मंत्रालय ने 31 मार्च तक रूट्स के बारे में भी रिपोर्ट देने को कहा है। 

यहां बता दें कि 2015 में प्रति यात्री निगम को मिलने वाली रकम 25 हजार को बढ़ाकर 35 हजार की गई थी। निगम प्रबंधन को उम्मीद है कि विदेश मंत्रालय दस हजार बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा देगा।

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Posted By: Bhanu

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