रामनगर में ज्वैलर्स शॉप में IT का छापा, रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने के बाद भी कर डाली 3 करोड़ की बिक्री
राज्य कर विभाग ने रामनगर के ज्वैलर्स पर औचक छापेमारी कर तीन करोड़ रुपये की अघोषित बिक्री पकड़ी। सहायक आयुक्त अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि कई फर्मों का पंजीयन निरस्त होने के बाद भी वे व्यापार कर रहे थे।

जागरण संवाददाता, रामनगर। राज्य कर विभाग के अफसरों ने रामनगर के ज्वैलर्स के यहां कर चोरी पकड़ने के लिए औचक छापामारी की। जिसमें ज्वैलर्स के यहां तीन करोड़ रुपये की अषोघित बिक्री पकडी गई है। छोई स्थित विभागीय भवन में राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त अनिल कुमार सिन्हा ने यह जानकारी दी। सिन्हा ने बताया कि कई फर्मों का विभाग से पंजीयन निरस्त हो गया है उसके बाद भी वे व्यापार कर रहे हैं।
ऐसे फर्म के विरुद्ध आयुक्त कर, उत्तराखंड सोनिका की ओर से कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में रामनगर क्षेत्र के एक आभूषण व्यवसायी के प्रतिष्ठान पर विभागीय टीम ने छापेमारी की। जांच में प्रथम दृष्टया लगभग तीन करोड़ की अघोषित बिक्री प्रकाश में आई है। इस अघोषित बिक्री पर टैक्स तय किया जा रहा है। इसके अलावा निर्माणाधीन इकाईयों से भी विगत माह में लगभग तीन करोड़ रुपये का राजस्व जमा कराया गया है।
सिन्हा ने बताया कि जीएसटी में हुए परिवर्तन के फलस्वरूप रामनगर क्षेत्र में होटल व रिसार्ट से 53 लाख रुपये रिवर्स कराया गया है। एक रिसार्ट के रिटर्न जमा नहीं करने पर पांच लाख रुपये का टैक्स लगाया गया। मनरेगा के अंतर्गत कराये गये कार्यों की भी जांच की जा रही है। भुगतान प्राप्त करने के बाद भी कर जमा नहीं करने पर दस व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है।

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