रतनपुर में टस्कर हाथियों ने फसल रौंदा गन्ना और गेहूं, वन अधिकारियों ने किया मुआयना
गुरुवार रात दो टस्कर हाथी गांव में आ गए। खेतों में गेहूं व गन्ने की फसल बर्बाद कर दी। ऐसे में ग्रामीण रात को पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार रात हाथियों ने गिरीश चंद्र के घर के बगल चार बीघा गेहूं रौंद दिया।

जागरण संवाददाता, कालाढूंगी (नैनीताल) : बन्नाखेड़ा वन क्षेत्र से लगे बैलपड़ाव रतनपुर ग्रामसभा में टस्कर हाथियों ने उत्पात मचा रखा है। गुरुवार रात दो टस्कर हाथी गांव में आ गए। खेतों में गेहूं व गन्ने की फसल बर्बाद कर दी। ऐसे में ग्रामीण रात को पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार रात हाथियों ने गिरीश चंद्र के घर के बगल चार बीघा गेहूं रौंद दिया। गिरीश ने बताया कि कुत्ते की भौंकने पर नींद खुली मगर हाथी को भगाया नहीं जा सका। ग्रामीण धर्मानंद, दया किशन व रेखा देवी के खेतों में भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया।
ग्राम प्रधान सुधा तिवारी की सूूचना पर वन विभाग के अधिकारीयों ने बर्बाद फसल का मुआयना कर रिपोर्ट बनाई। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर रोष जताया। बताया कि दिन में बंदर तो रात में सूअर, नीलगाय, हिरन व हाथियों ने नींद उड़ा रखी हैै। भाजपा नेता हेम तिवारी ने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की। बताया कि हाथी गांव के बीच आने लगे हैं। ऐसे में बिजली के पोलों से झूलते तारों की चपेट में आने का खतरा है। भारतीय किसान यूनियन के महासचिव भगवान सिंह रौतेला ने जंगलों से सटे गांव में गश्त बढ़ाने और पावर फैंसिंंग लगाने की मांग वन विभाग से की है। बन्नाखेड़ा वनक्षेत्र अधिकारी लक्ष्मण सिंह मर्तोलिया ने बताया कि रात को वन कर्मियों को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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