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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jumma Village Disaster : कुछ देर और काली का पानी थमता तो तपोवन से हंसेश्वर तक बदल जाता भूगोल

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Tue, 31 Aug 2021 08:18 AM (IST)

umma Village Disaster भारत और नेपाल में दो स्थानों पर बादल फटने से ऊफनाएं नालों ने काली नदी का प्रवाह ...और पढ़ें

Jumma Village Disaster : कुछ देर और काली का पानी थमता तो तपोवन से हंसेश्वर तक बदल जाता भूगोल
Jumma Village Disaster : कुछ देर और काली का पानी थमता तो तपोवन से हंसेश्वर तक बदल जाता भूगोल

संवाद सूत्र, धारचूला : Jumma Village Disaster : भारत और नेपाल में दो स्थानों पर बादल फटने से ऊफनाएं नालों ने काली नदी का प्रवाह बाधित कर दिया था। एनएचपीसी की 280 मेगावाट की धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना के प्रशासनिक कार्यालय, कालोनी तपोवन के सामने नेपाल के क्षीरबगड़ में काली नदी में मिलने वाले नाले के मलबे ने काली नदी का प्रवाह बाधित कर दिया। पलक झपकते ही काली नदी का पानी तपोवन में बीस मीटर तक भर गया। परियोजना का प्रशासनिक कार्यालय, आवास सहित अन्य भवनों के दुमंजिले तक पानी भर गया। यहां पर रहने वाले लोग तीसरी मंजिल की छत पर चले गए और भगवान से प्रार्थना करने लगे।

पूरा परिसर काली नदी के पानी से लबालब भर गया। गनीमत रही कि उत्त्तराखंड की जल रिसोर्स वाली काली नदी के वेग से मलबा हटने लगा और बहाव होने लगा। काली नदी का जल स्तर काफी अधिक बढ़ गया। इस दौरान इसकी सूचना तपोवन से धारचूला तहसील प्रशासन को दे दी गई। रात ढाई बजे से तीन बजे के बीच प्रशासन, पुलिस और एसएसबी, राजस्व विभाग सक्रिय हो गए। काली नदी के किनारे रहने वाले लोगों को माइक लगा कर जागरूक किया गया। नदी किनारे के लोग जो जिस हालत में थे घरों से निकल गए। काली नदी का पानी भारत नेपाल को जोडऩे वाले अंतरराष्ट्रीय झूला पुल तक पहुंच गया था।

काली नदी के शोर से पूरा धारचूला दहशत में आ गया। धारचूला, गलाती, निंगालपानी, गोठी, बलुवाकोट, जौलजीबी तक लोग सजग हो गए। तीन बजे के बार नेपाल सीमा पर लोग जग गए और काली नदी के जलस्तर के सामान्य होने की प्रार्थना करने लगे। काली नदी अभी भी खतरे के निशान पर बह रही है। यदि नदी का जल कुछ देर और थमता तो धारचूला के तपोवन से लेकर डीडीहाट के तल्लाबगड़, हंसेश्वर तक का भूगोल बदल जाता । जिसे सोचकर भी लोग सिहर रहे हैं।

तीन लोगों के वाहन बहे

काली नदी का कुछ देर तक पानी थमने के बाद प्रवाह होने पर तीन वाहन काली नदी में बह गए। जिसमें दो वाहन भारत के और एक वाहन नेपाल का है। भारत में एक व्यक्ति की निजी कार और एक अन्य वाहन बह गए। रात्रि को खोतिला में ग्रामीणों ने वाहनों को बहते हुए देखा ।

नेपाल में तीन लोग बहे

तपोवन के सामने नेपाल के क्षीरबगड़ में भी भारी नुकसान हुआ है। सैकड़ों नाली भूमि मय फसल के काली नदी में समा गई है। एक लोहे का पुल बह गया है। तीन लोग काली नदी में बह गए हैं। नेपाल के दार्चुला जिला प्रशासन ने यहां पर नेपाल सशस्त्र बल के जवान खोज एवं बचाव कार्य में लगा दिए हैं।