नैनीताल, जेएनएन : करीब तीन सौ करोड़ से अधिक के चर्चित एनएच-74 मुआवजा घोटाला मामले में घिरे आइएएस डॉ. पंकज कुमार पांडे की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हाई कोर्ट ने घोटाले की सीबीआई जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से कहा है कि पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व भ्रष्टाचार निवारण एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल करने के मामले में दो सप्ताह के भीतर केंद्र से अनुमति लेकर कोर्ट को जानकारी दे। सुनवाई के दौरान घोटाले के मुख्य आरोपित कहे जा रहे पूर्व भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह ने भी पूरे मामले की सीबीआई की जांच की मांग कर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

ऊधमसिंह नगर निवासी महेंद्र सिंह समेत अन्य ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि एनएच-74 चौड़ीकरण के दौरान बेक डेट में कृषि भूमि की श्रेणी बदलकर दस गुना मुआवजा बांट दिया गया। इस खेल में करोड़ों के वारे न्यारे किए गए। याचिका में कोर्ट ने इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया गया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति  आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि आइएएस व ऊधमसिंह नगर के पूर्व डीएम के खिलाफ चार्जशीट दायर करने व भ्रष्चाटार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति ली जा रही है, जो अब तक नहीं मिली है। सरकार की इस दलील के बाद कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जो भी अनुमति लेनी हो, वह दो सप्ताह में लेकर अदालत को जानकारी दी जाए।

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Posted By: Skand Shukla

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