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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

निलंबित रजिस्ट्रार की पत्नी व एनजीओ संचालकों को हाई कोर्ट का झटका, जानिए क्‍या हुआ

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Wed, 29 May 2019 06:41 PM (IST)Updated: Thu, 30 May 2019 08:37 AM (IST)

उत्तराखंड आयुर्वेदिक में करोड़ों के घपले के मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद विवि के निलंबित रजिस्ट्रार मृत्युंजय ...और पढ़ें

निलंबित रजिस्ट्रार की पत्नी व एनजीओ संचालकों को हाई कोर्ट का झटका, जानिए क्‍या हुआ
निलंबित रजिस्ट्रार की पत्नी व एनजीओ संचालकों को हाई कोर्ट का झटका, जानिए क्‍या हुआ

नैनीताल, जेएनएन : उत्तराखंड आयुर्वेदिक में करोड़ों के घपले के मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद विवि के निलंबित रजिस्ट्रार मृत्युंजय मिश्रा की पत्नी श्वेता मिश्रा व अन्रू को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने श्वेता की गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर दाचिका को निरस्त कर दिया। अब उनकी गिरफ्तारी का रास्ता भी साफ हो गया है। 
दरअसल पिछले साल आयुर्वेदिक विवि में करोड़ों का घपला उजागर हुआ था। इस मामले में विजीलेंस ने रजिस्ट्रार रहे मुत्युंजय मिश्रा के साथ ही उनकी पत्नी श्वेता, एनजीओ संचालिका नूतन रावत व शिल्पा त्यागी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि मिश्रा द्वारा घपले में मिली रकम में से 20 लाख अपनी पत्नी के नाम के बैंक  खाते में जमा किए थे। जबकि नूतन व शिल्पा को मैटरियल सप्लाई का काम दिया गया था। निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। इस मामले में मिश्रा की धर्मपत्नी श्वेता व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इधर बुधवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद श्वेता व अन्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से संबंधित याचिका निरस्त कर दी। कोर्ट के फैसले के बाद अब इनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। 

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