यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भूमिधारी मालिकाना हक मामले में हाईकोट ने सरकार से मांगा जवाब nainital news
हाईकोर्ट ने 2012 में पारित किए गए भूमिधारी मालिकाना हक से सम्बंधित शासनादेश को चुनौती देती जनहित याचिका पर सुनवाई ...और पढ़ें

नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट ने 2012 में पारित किए गए भूमिधारी मालिकाना हक से सम्बंधित शासनादेश को चुनौती देती जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से एक सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ में देहरादून निवासी सुरभि सक्सेना की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने 2012 के बाद कई सारे शासनादेश पारित किए। जिसमें से एक शासनादेश के तहत सरकारी भूमि पर कब्जाधारियों सहित किराएदारों को काबिज पट्टे की भूमि को मालिकाना हक के तहत खेती करने और रहने के लिए था। बाद में सरकार ने न्यूनतम मूल्य पर उक्त भूमि हस्तांतरित कर दी। मालिकाना हक के तहत मिली भूमि को भूमिधरियों द्वारा कई कई गुना ऊचे दामों में बेचा जा रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है यह भी कहना है कि राज्य में सभी तरह की भूमि हस्तांतरण पर रोक लगाई जाए। मामले में कोर्ट ने सरकार से जवाब पेश करने को कहा है।
