नैनीताल, जेएनएन : हाई कोर्ट ने कोसी नदी के आरक्षित वन क्षेत्र में खनन पर रोक लगाते हुए एनएच-74 के लिए खनन कर रही कंपनी व सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति नारायण सिंह धानिक की खंडपीठ में जोगीपुरा बाजपुर निवासी रमेश लाल की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया है कि पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी को एनएच-74 निर्माण का ठेका दिया गया है, मगर कंपनी कोसी नदी के रिजर्व वन क्षेत्र से खनन कर रही है। याचिकाकर्ता ने कहा कि कंपनी नैनीताल जिले में खनन कर यहां से निकले उपखनिज को आठ किलोमीटर दूर रिजर्व फॉरेस्ट होते हुए ऊधमसिंह नगर जिले में ले जा रही है, जो नियम विरुद्ध है। याचिका में कंपनी पर आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध खनन का आरोप लगाते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता के अनुसार कंपनी ने वन अधिनियम का उल्लंघन कर आरक्षित वन क्षेत्र में आठ किलोमीटर सड़क बना दी। अब खनन से गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। कोर्ट को यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने कंपनी को कोसी नदी से 11 लाख घनमीटर खनन की अनुमति दी थी, मगर राज्य सरकार ने इसे 18 लाख घनमीटर कर दिया। खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद आरक्षित वन क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह से रोक लगाते हुए निर्माण कंपनी व सरकार से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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