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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाई कोर्ट ने लेपर्ड व टाइगर के अंग बरामद होने के मामले में सरकार से फिर मांगा जवाब

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Mon, 22 Apr 2019 04:54 PM (IST)

हाई कोर्ट ने राजाजी नेशनल पार्क के दूधिया रेंज में खुदाई के दौरान लेपर्ड व टाइगर के अंग बरामद होने ...और पढ़ें

हाई कोर्ट ने लेपर्ड व टाइगर के अंग बरामद होने के मामले में सरकार से फिर मांगा जवाब
हाई कोर्ट ने लेपर्ड व टाइगर के अंग बरामद होने के मामले में सरकार से फिर मांगा जवाब

नैनीताल, जेएनएन : हाई कोर्ट ने राजाजी नेशनल पार्क के दूधिया रेंज में खुदाई के दौरान लेपर्ड व टाइगर के अंग बरामद होने के मामले में सुनवाई करते हुए सरकार से अगले मंगलवार तक फिर से जवाब पेश करने को कहा है।

मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खण्डपीठ में हरिद्वार निवासी दिनेश चन्द्र पांडे की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा है कि 22 मार्च 2018 को मुखबिर द्वारा वन विभाग को सूचना दी गयी थी कि राजाजी नेशनल पार्क के दूधिया रेंज में तस्करों द्वारा लेपर्ड व टाइगर का शिकार करके उनके अंगों को जमीन पर गाड़ दिया गया है । इस शिकायत पर वन विभाग द्वारा इनके अंगों की जांच कराने के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट देहरादून भेज दिया जिसमें खुलासा हुआ कि बरामद अंग लेपर्ड व टाइगर के हैं। इस मामले की जांच आईएफएस मनोज चन्द्रन द्वारा की गयी।

जांच में उन्होंने पूरे मामले में वन विभाग के 11 अधिकारी कर्मचारियों तथा 15 शिकारियों की भूमिका को बेहद संदिग्ध होने का उल्लेख किया। इस रिपोर्ट को उनके द्वारा सीजेएम देहरादून की कोर्ट में पेश किया। जांच अधिकारी द्वारा इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई परन्तु सरकार द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के लिए अनुमति नहीं दी गयी। साथ में सरकार ने इनको बचाने के लिए इस मामले की जांच दोबारा एसटीएफ के डीआईजी रेद्धिम अग्रवाल से करने के आदेश दिए। आज सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार के शपथपत्र से असंतुष्ट होकर मंगलवार तक विस्तृत शपथपत्र पेश करने को कहा है।

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