जागरण संवाददाता, बागेश्वर: अतिवृष्टि से सौंग, मुनार में तीन पैदल पुल बह गए हैं। दो घराट और एक हैंडपंप भी बह गया है। भराड़ी-सौग मोटर मार्ग लगभग सौ मीटर तक गायब हो गया है। 15 हजार से अधिक आबादी का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। जिसके कारण क्षेत्र में दहशत फैल गई है। 

बीती शुक्रवार की रात से जिले में लगातार बारिश हो रही है। पिंडारी मोटर मार्ग के सौंग, मुनार के समीप सड़क लगभग सौ मीटर स्थानीय गधेरे में बह गई है। जिसके कारण यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। लोगों खेत-खलिहान भी मलबे में तब्दील हो गए हैं।

घरों और दुकानों में मलबा घुस गया है। वाहन भी मलबे में दब गए हैं। स्थानीय गधेरे पर बने दो पुल और सौंग में एक पुल भी आपदा की भेंट चढ़ गया है। मुनार गांव के लिए लगा एक हैंडपंप, केशर सिंह के दो घराट, गांव के लिए बना सार्वजनिक स्नानागार, कूड़ादान आदि बह गए हैं। जबकि मुनार सड़क के ऊपर रहने वाले तीन परिवारों के घरों को खतरा पैदा हो गया है। सड़क से मलबा हटाने आदि पर बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा रहा है।

मुनार में तबाही से यह गांव प्रभावित

मुनार में अतिवृष्टि के कारण झूनी, खल्झूनी, मिकिलाखलपट्टा, लाहूर, बैच्छम, सूपी, पतियासार, हरकोट, रिखाड़ी आदि गांवों का सड़क संपर्क कट गया है। लगभग् 15 हजार की आबादी प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा बिजली, पानी और संचार आदि का संकट खड़ा हो गया है।

कर्मी मोटर मार्ग 30 मीटर गायब

कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग फुलवाड़ी के समीप लगभग 30 मीटर वास आउट हो गया है। जिससे पिंडारी क्षेत्र का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। हालांकि सड़क को खोलने के लिए लोनिवि ने लोडर मशीनें भेज दी हैं। एसडीएम पारितोष वर्मा टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए हैं।

विधायक ने लिया जायजा

विधायक सुरेश गढ़िया ने भराड़ी-सौंग मोटर मार्ग पर मुनार क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मार्ग बीती रात से बंद है। प्रशासनिक इकाई शीघ्र सड़कों को दुरस्त करेगी। आपदा से हुए नुकसान का आंकलन भी किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को आपदा की इस घड़ी में धैर्य बनाए रखने को कहा है। इस दौरान बलवीर टाकुली, संतोष उपाध्याय, ओम प्रकाश ऐठानी, भगवत कोरंगा, भुवन सिंह आदि मौजूद थे।

प्रशासन ने किया अलर्ट जारी

जिलाधिकारी विनीत कुमार ने मौसम विज्ञान केंद्र की सूचना पर अलर्ट जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की संभावना है। प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील रहना है। घटना होने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। अफसर अलर्ट रहेंगे। नदी, नालों की निगरानी रखी जाएगी। अभिभावक बच्चों को नदी के किनारे नहीं भेजें। आपदा कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहे हैं।

Edited By: Prashant Mishra

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