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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-नेपाल बाॅर्डर पर चीनी नागरिकों का जमावड़ा भारत के लिए हो सकता है खतरनाक nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Thu, 13 Feb 2020 01:28 PM (IST)

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद से लगी नेपाल सीमा पर चीनी नागरिकों का जमावड़ा भारत के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है।

भारत-नेपाल बाॅर्डर पर चीनी नागरिकों का जमावड़ा भारत के लिए हो सकता है खतरनाक nainital news
भारत-नेपाल बाॅर्डर पर चीनी नागरिकों का जमावड़ा भारत के लिए हो सकता है खतरनाक nainital news

पिथौरागढ़, जेएनएन : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद से लगी नेपाल सीमा पर चीनी नागरिकों का जमावड़ा भारत के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। चीन के इन नागरिकों के जरिए कोरोना वायरस के उत्तराखंड में फैलने की आशंका बनी हुई है। भारत-नेपाल के बीच आवागमन करने वालों की जांच की जा रही है, लेकिन इंतजाम नाकाफी हैं।

नेपाल में बन रहा है बड़ा पॉवर प्रोजेक्‍ट

नेपाल का गोकल्या जिला भारत के पिथौरागढ़ जिले से लगा हुआ है। नेपाल इस जिले की चमलिया नदी में चीन की मदद से विशाल जल विद्युत परियोजना तैयार कर रहा है। इसके लिए चीन ने बड़ी तादात में इंजीनियर और तकनीशियन यहां भेज रखे हैं। इस प्रोजेक्ट में हजारों की तादात में नेपाली मजदूर भी काम कर रहे हैं। इन मजदूरों का भारत आना जाना लगा रहता है।

नेपाल में नहीं बरती जा रही सतर्कता

नेपाल में कोरोना वायरस को लेकर फिलहाल कोई खास सतर्कता नहीं बरती जा रही है, हालांकि नेपाल से अभी तक इस वायरस से प्रभावित होने का मामला  सामने नहीं आए हैं, लेकिन चीनी नागरिकों के सम्पर्क में आने वाले नेपाली नागरिकों के भारत आने पर वायरस के पहुंचने की आशंका बनी हुई है। धारचूला और झूलाघाट में नेपाल को जोडऩे वाले पैदल पुलों पर आवागमन करने वालों की सामान्य जांच की जा रही है, लेकिन जांच की व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं। इससे सीमावर्ती जिले के लोगों में आशंकाएं बनी हुई हैं।

पिथौरागढ़ में मिले चीनी नागरिकों में नहीं हुई कोरोना वायरस की पुष्टि

सीमांत जिले पिथौरागढ़ के बगड़ीहाट में निर्माणाधीन पॉवर हाउस में कार्यरत चीनी नागरिकों में कोराना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। आठ फरवरी को चीनी नागरिक च्यूंशिलियांग और ज्यांग ऐंजोंग को दो गुजराती नागरिक और एक स्थानीय व्यक्ति के साथ जिला चिकित्सालय लाया गया था। इनमें एक चीनी नागरिक सर्दी-जुकाम से पीडि़त था। कोरोना वायरस की आशंका को देखते हुए इन्हें जिला चिकित्सालय में बनाए गए आइशोलेशन वार्ड में रखा गया था। जांच के बाद चीनी नागरिक और गुजरात वासियों को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया था। जहां से उनके सैंपल जांच के लिए पुणे लैब में भेजे गए थे। चीनी नागरिकों के साथ गए स्थानीय युवक तरूण पाल ने बताया कि बुधवार को जांच रिपोर्ट मिल गई है, जिसमें दोनों नागरिक स्वस्थ पाए गए हैं। फिलहाल दोनों दिल्ली में रुके हैं। उनके साथ गए गुजरात के निरोज पटेल और गौरव गांधी फिलहाल गुजरात रवाना हो गए हैं।

जांच रिपोर्ट आने तक संदिग्‍धों को आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा

डॉ. ऊषा गुंज्याल, सीएमओ, पिथौरागढ़ ने नेपाल सीमा से आने वाले लोगों की जांच के लिए झूला पुल पर जांच की व्यवस्था की गई है, अभी तक कोरोना वायरस से प्रभावित कोई भी व्यक्ति नहीं मिला है। संदिग्ध लोगों के लिए जिला चिकित्सालय में आइशोलेशन वार्ड बना दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने तक ऐसे लोगों को वार्ड में रखा जाएगा।

नेपाल के रास्‍ते चीनी नागरिकों के प्रवेश पर रोक

कोरोना वायरस के खतरों को देखते हुए चीनी नागरिकों के नेपाल के रास्‍ते भारत आने पर रोक लगा दी गई है। अब भारत आने वाले चीनी नागरिकों को चीन सरकार के पत्र पर केवल दिल्‍ली एयरपोर्ट पर आने की सुविधा दी जाएगी, जहां उन्‍हें सेना व आइटीबीपी की सुरक्षा में मेडिकल आब्‍जर्वेश में 14 दिन रखा जाएगा। पिछले दिनों नेपाल के रास्‍ते आ रहे चीनी नागरिकों को वापस कर दिया गया था।

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