किच्छा (ऊधमसिंह नगर), जेएनएन : कूटरचित कागजात तैयार कराकर भूमि की रजिस्ट्री करवाने के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने भाजयुमो प्रदेश मंत्री सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। रजिस्ट्री को लेकर रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आनंद किशोर पुत्र स्व. दामोदर निवासी ग्राम बंडिया किच्छा ने कहा कि उसके पिता तीन भाई थे। 1977-78 में आवंटित अपनी दस-दस एकड़ भूमि पर खेती कर परिवार सहित रह रहे थे। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान रिकार्ड में उनके पिता दामोदर दूबे का नाम 1995-96 में दर्ज किया गया। उनके चाचा कैलाश दूबे ने 29 मई 1997 व सच्चिदानंद दूबे पुत्र कैलाश दूबे ने 31 मई 2001 को फर्जी अमल दरामद उसके पिता के नाम की भूमि को हड़पने के लिए करवाया। उसके बाद 13 अगस्त 2011 को सच्चिदानंद दूबे पुत्र कैलाश दूबे ने उनके हिस्से की 2.0225 हेक्टेयर भूमि का फर्जी बैनामा करा लिया।

साथ ही भाजयुमो प्रदेश मंत्री हिमांशु शुक्ला, ब्रजेश शुक्ला, रजनीश शुक्ला के नाम पर फर्जी दाखिल खारिज करवा दिया। यह सब रजिस्ट्रार कार्यालय में अपनी पहचान छिपाते हुए वहां कार्यरत कर्मचारियों की मिलीभगत से सच्चिदानंद दूबे ने सच्चिदानंद द्विवेदी के हस्ताक्षर करके किया। 18 सितंबर 2019 को जब वह अपने खेत में खड़ा था तभी सच्चिदानंद दूबे वहां पहुंचे और गालीगलौज शुरू कर जान से मारने की धमकी देकर उसकी भूमि पर कब्जा करने की धमकी दी। जिस पर उसने किच्छा कोतवाली में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने सच्चिदानंद दूबे पुत्र कैलाश दूबे निवासी ग्राम बंडिया किच्छा, रजनीश शुक्ला, हिमांशु शुक्ला, ब्रजेश शुक्ला पुत्रगण स्व. रमेश शुक्ला निवासी शुक्ला फार्म रुद्रपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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Posted By: Skand Shukla

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