जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : भाजपा के जिलाध्यक्ष के घर मंगलवार देर रात धमाका रसोई में गैस लीकेज से हुआ था। यह दावा डीआईजी नीलेश आनंद भरणे और फॉरेंसिक साइंस लैब के संयुक्त निदेशक डॉ. दयाल शरण शर्मा ने किया है। शर्मा का कहना है कि रसोई बंद होने से गैस कमरे में भारी मात्रा में भर गई थी। गैस का दबाव अधिक होने पर जोरदार धमाका हुआ। फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मामले की जांच धीमी कर दी है।

भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रदीप बिष्ट के हीरानगर स्थित आवास में मंगलवार रात करीब पौने 12 बजे जोरदार धमाका हुआ था। धमाके से घर के दरवाजे, खिड़कियां, शीशे व पंखे समेत कई सामान क्षतिग्रस्त हो गया था। विस्फोट से जिलाध्यक्ष और उनका परिवार बाल-बाल बचे थे। घटना के तुरंत बाद जिलाधिकारी धीराज गब्र्याल, एएसपी डा. जगदीश चंद्र समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। धमाके का मामला सीएम पुष्कर सिंह धामी तक पहुंच गया था। उन्होंने अधिकारियों को मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए थे। दूसरे दिन मामले की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों ने एसआइटी गठित कर दी थी।

बुधवार की सुबह फॉरेंसिक, आईटीवीपी, बम डिस्पोजल दस्ता व डॉग स्क्वायड अग्नि सुरक्षा अधिकारी समेत कई टीमें जांच के लिए पहुंच गई थी। गहन पड़ताल के बावजूद ब्लास्ट के कोई ठोस सबूत नहीं मिल सके थे। फॉरेंसिक साइंस लैब के संयुक्त निदेशक डॉ. दयाल शरण शरण शर्मा ने दावा किया है कि रसोई में एलपीजी गैस सिलेंडर में लिकेज के कारण धमाका हुआ। उन्होंने बताया कि सिलेंडर में प्रोपेन और ब्यूटेन गैस होती है।

जिलाध्यक्ष के घर सिलेंडर से चूल्हे में लगने वाला पाइप निकल गया होगा। पाइप निकलते समय रसोई बंद थी। धीरे-धीरे गैस पूरे कमरे में भर गई। गैस का दबाव अधिक होने से जोरदार धमाका हुआ। जिससे पूरा घर हिल गया और खिड़की दरवाजे भी टूट गए। इसके अलावा पूरी बिल्डिंग में कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है। वहीं फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट को ओके मानकर पुलिस ने अपनी जांच की गति को धीमे कर दिया है।

 

Edited By: Skand Shukla