हल्द्वानी, जेएनएन : नया बोर्ड गठित होने के बाद नगर निगम दफ्तर की साज-सज्जा शुरू हो गई है, लेकिन सालभर से ठप विकास कार्यों को अब भी शुरू होने का इंतजार है। फरवरी में लगे भूमिगत कूड़ेदान अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। नालों का भी बुरा हाल है।

कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने जनवरी में भूमिगत कूड़ेदान लगाने की दिशा में काम शुरू किया था। फरवरी में शहर के विभिन्न स्थानों पर 16 भूमिगत कूड़ेदान लगाए गए। मंशा थी कि अंडर ग्राउंड कूड़ेदान होने से जगह-जगह खुले में कूड़ा नहीं फैला रहेगा। मेयर डॉ. जोगेंद्र रौतेला ने अपने पिछले कार्यकाल में इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की। दस माह का समय बीतने के बाद भी कूड़ेदान सुचारू नहीं हो पाए हैं।

कूड़ेदान खाली, बाहर कूड़े का ढेर

निगम प्रशासन की सुस्त कार्यशैली का नतीजा है कि लाखों रुपये से लगे भूमिगत कूड़ेदान खाली पड़े हैं, लेकिन बाहर कूड़े का ढेर पड़ा है। मछली बाजार में लगे तीन कूड़ेदान और बाहर कूड़े का ढेर शहर की बदनुमा तस्वीर पेश कर रहा है।

कूड़ा लिफ्ट करने वाले वाहन का इंतजार

भूमिगत कूड़ेदान शुरू नहीं होने के पीछे कूड़ा लिफ्ट करने वाले वाहन का न होना बताया जा रहा है। पूर्व में लगे छह कूड़ेदान भी काम नहीं कर रहे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल का कहना है कि बजट आने के बाद ही कूड़ा लिफ्ट करने वाले वाहनों की खरीदारी हो सकेगी।

घरों में घुस रहा नाले का दूषित पानी

मछली बाजार के बराबर से गुजरने वाला नाला कचरे में पटा है। नाला चोक होने से घरों में पानी घुस रहा है। पार्षद मोहम्मद गुफरान का कहना है नगर निगम को कई बार अवगत कराने के बाद भी काम नहीं हुआ है।

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Posted By: Skand Shukla

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