नैनीताल, [जेएनएन]: एनएच-74 मुआवजा घपले में नया मोड़ आ गया है। इस घपले में निलंबित पीसीएस अफसर डीपी सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पूरे प्रकरण की सीबीआइ जांच की मांग की है। सिंह ने एसएसपी ऊधमसिंह नगर पर तत्कालीन मंडलायुक्त के निर्देश पर दुर्भावना से ग्रसित होकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आरोप भी लगाया है।

बहुचर्चित मुआवजा घोटाले की जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, इसमें रोज नए राज भी सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में निलंबित किए गए तत्कालीन विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह ने याचिका दायर कर जांच में पक्षपात के आरोप लगाए हैं। सिंह के अनुसार जब यह घोटाला उजागर हुआ तो सरकार की ओर से पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में तत्कालीन मंडलायुक्त डी. सैंथिल पांडियन भी थे, लेकिन कमेटी की एक बैठक भी नहीं हुई। मंडलायुक्त के निर्देश पर एसएसपी द्वारा दुर्भावना से ग्रसित होकर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। 

याचिकाकर्ता ने कृषि भूमि को व्यावसायिक श्रेणी की दिखाकर मुआवजा हड़पने के आरोप को गलत करार देते हुए कहा है कि भू-स्वामियों को सर्किल रेट के आधार पर मुआवजे का भुगतान किया गया है। यही नहीं सरकार का करोड़ों रुपया राजस्व बचाया गया है। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के आदेश पर आयकर विभाग ने उनके आवास पर छापा मारा मगर विभाग को तीन लाख रुपये के अलावा कुछ नहीं मिला और तीन खाते सीज कर दिए। याचिकाकर्ता ने सरकार की ओर से गठित एसआइटी को पक्षपातपूर्ण बताते हुए घोटाले की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है। यहां उल्लेखनीय है कि इस घपले की सीबीआइ जांच को लेकर एक और जनहित याचिका विचाराधीन है। जिस पर कोर्ट ने सीबीआइ से जवाब मांगा है। 

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Posted By: raksha.panthari

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