80 करोड़ में बिछाई गई है नैनीताल की पेयजल लाइन, फिर भी रोज फट रही, सीएम कराएंगे जांच
नैनीताल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नैनीताल में एडीबी वित्त पोषित करीब 80 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट की मेन लाइन के आए दिन फटने को बेहद गंभीर माना है
नैनीताल, जेएनएन। नैनीताल : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नैनीताल में एडीबी वित्त पोषित करीब 80 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट की मेन लाइन के आए दिन फटने को बेहद गंभीर माना है और कहा है कि इसकी जांच की जाएगी। जांच में पाइपलाइन की गुणवत्ता घटिया होने तथा अन्य कमियां पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को निजी कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने नैनीताल क्लब में मीडिया से बातचीत की। जागरण के नैनीताल में करीब 80 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट की राइजिंग पाइपलाइन फटने से जल संकट तथा इसके अब तक आठ बार फटने के सवाल पर सीएम ने इसे बेहद गंभीर मामला करार दिया। कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। लाइन सही ढंग से बिछाई गई या नहीं, पाइपों की गुणवत्ता कैसी थी, ये सब जांच के दायरे में रहेंगे। एक अन्य सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि मुक्तेश्वर समेत अन्य नए पर्यटक स्थल विकसित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। हर जिले के चयनित पर्यटन स्थल की डीपीआर बनाने को 50-50 लाख जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि नैनीताल के अस्तित्व के लिए जरूरी बलियानाला का ट्रीटमेंट जायका तकनीक के माध्यम से होगा। रिसर्च पूरी होने के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। साथ ही मेट्रोपोल व छावनी क्षेत्र की भूमि पर पार्किंग को भी प्राथमिकता करार देने के साथ ही भारत सरकार से सहमति मिलने की जानकारी दी।
चारधाम और कैलास यात्रा निर्विघ्न कराना चुनौती
सीएम ने बातचीत के दौरान कहा कि चारधाम यात्रा व कैलास मानसरोवर यात्रा को सुगम व निर्विघ्न तरीके से संपन्न कराना चुनौती है। बताया कि चारधाम मार्ग पर निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं, जबकि किसी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए सीमा सड़क संगठन व अन्य एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। साथ ही रिटेनिंग वॉल आदि की मरम्मत जारी है।
मोदी ही बनेंगे अगले पीएम
सीएम ने केंद्र में फिर से एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलने का दावा करते हुए कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से चुनेगी और वह पिछली बार से अधिक बहुमत के साथ देश की बागडोर संभालेंगे। इस दौरान उन्होंने पूर्व सीएम हरीश रावत के बयानों को लेकर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने सपा-बसपा समेत अन्य दलों के गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि भले ही ऊपरी स्तर पर एका दिख रही हो, मगर जमीनी स्तर में इसमें मतभेद हैं। जनता भी यह समझ रही है।
आइएएस की गिरफ्तारी को भारत सरकार की अनुमति जरूरी
मुख्यमंत्री ने आइएएस पंकज पांडे की बहाली के मामले में साफ किया कि किसी भी अधिकारी कर्मचारी को लंबे समय तक सस्पेंड नहीं रखा जा सकता। सस्पेंड करना, माफ करना जांच के दायरे से बाहर रखना नहीं है। आइएएस पर कार्रवाई के लिए भारत सरकार से अनुमति का आग्रह किया गया है। बिना केंद्र की अनुमति के गिरफ्तारी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआइटी ने एनएच-74 मुआवजा घोटाले की बेहतरीन व बिना दबाव के जांच की है। जो भी दोषी होगा, उसको सही जगह भेजा जाएगा। एनबीडब्ल्यू या समन तामील कराने के मामले में कानून अपना काम करेगा।
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