नैनीताल चिडिय़ाघर में ठंड की वजह से बदला मैन्यू, वन्यजीवों को मिलेगा ये डाइट nainital news
सरोवर नगरी में ठंड की दस्तक का सामान्य जनजीवन के साथ ही वन्य जीवों पर भी असर पड़ा है। ठंड को देखते हुए चिडिय़ाघर (उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान) के मैन्यू में भी बदलाव कर दिया गया है।
नैनीताल, जेएनएन : सरोवर नगरी में ठंड की दस्तक का सामान्य जनजीवन के साथ ही वन्य जीवों पर भी असर पड़ा है। ठंड को देखते हुए चिडिय़ाघर (उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान) के मैन्यू में भी बदलाव कर दिया गया है। यहां रखे गए पशु-पक्षियों को ठंड से बचाने के लिए हर साल सारे इंतजाम 15 नवंबर से प्रभावी होते रहे हैं मगर इस बार पहले ही उन्हें गर्म आहार देना आरंभ कर दिया गया है।
जीबी पंत उच्चस्थलीय प्राणी उद्यान में कुल 233 वन्य जीव जंतु हैं। इनमें 80 फीजेंट हैं। रेड पांडा की संख्या आठ हैं, जिसमें दो बच्चे हैं। दोनों को अब सेब, केला, शहद, कच्चा अंडा व रिंगाल दिया जाने लगा है। फीजेंट में औसतन चार को एक उबला अंडा दिया जाता है, मगर अब ठंड को देखते हुए एक अंडा दो फीजेंट को दिया जा रहा है। इसके अलावा ब्लोअर लगाया गया है। हिमालयन भालू को भी ठंड में गुड़ व शहद की मात्रा बढ़ा दी जाती है। चिडिय़ाघर की वन क्षेत्राधिकारी ममता चंद बताती हैं कि आम तौर पर मैन्यू में बदलाव 15 नवंबर से किया जाता है मगर यदि मौसम में पहले ठंडक बढ़ गई तो पहले से ही व्यवस्था शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों का हर तरह से ख्याल रखा जा रहा है।
दहाड़ते टाइगर को किया मोबाइल में कैद
सरोवर नगरी में बुधवार को ऑफ सीजन में रिकार्ड पर्यटक चिडिय़ाघर पहुंचे। दिन मेें धूप निकली तो हिमालयन भालू के जोड़े में से एक ने बाड़े में खूब नींद ली जबकि दूसरा घूमता रहा। पर्यटकों ने बंगाल टाइगर की दहाड़ व उछलकूद का भी लुत्फ उठाया और उसे मोबाइल कैमरे में कैद किया। प्राणी उद्यान के डिप्टी रेंजर दीपक तिवारी के अनुसार मंगलवार को एक हजार वयस्क पर्यटक व करीब डेढ़ सौ बच्चे वन्य जीवों को देखने पहुंचे। जबकि बुधवार को नौ सौ वयस्क, डेढ़ सौ बच्चे व एक विदेशी पर्यटक पहुंचा।
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