व्यापारियों ने दी कैलास मानसरोवर यात्रा रोकने की चेतावनी, जानिए आखिर क्या है नाराजगी
गत वर्ष की कैलास मानसरोवर यात्रा का व्यापारियों होटल मालिकों को भुगतान नहीं हुआ है। जिससे नाराज व्यापारियों ने भुगतान नहीं होने पर इस वर्ष यात्रा रोकने की चेतावनी दी है।
पिथौरागढ़, जेएनएन : सरकारी व्यवस्था की कभी-कभी आम जन से लेकर कारोबारियों तक के लिए कितनी तकलीफदेह हो जाती है, यह खबर उसकी बानगी है। काम लेने के बाद पेमेंट लटकाने में मशहूर सरकारी सिस्टम से पिथौरागढ़ के कारोबारी परेशान हैं। दरअसल मामला ही कुछ ऐसा है। गत वर्ष की कैलास मानसरोवर यात्रा का व्यापारियों, होटल मालिकों को भुगतान नहीं हुआ है। जिससे नाराज व्यापारियों ने भुगतान नहीं होने पर इस वर्ष यात्रा रोकने की चेतावनी दी है। इस आशय का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है।
बीते वर्ष कैलास मानसरोवर यात्रा का आधार शिविर पिथौरागढ़ बनाया था। यात्रा पिथौरागढ़ से धारचूला तक हेलीकॉप्टर से हुई। इस दौरान पायलट पिथौरागढ़ के होटलों में रहे। इसके अलावा यात्रा के दौरान राशन आदि भी स्थानीय व्यापारियों से खरीदा गया। वाहन भी किराए पर लिए गए। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने इसका तीस फीसद भुगतान तो व्यापारियों और होटल मालिकों को किया, मगर 70 फीसद अभी तक नहीं हुआ है। जून से कैलास मानसरोवर यात्रा शुरू हो रही है। वहीं पूर्ण भुगतान नहीं होने से व्यापारियों में रोष व्याप्त है। सोमवार को उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापारियों ने कलक्ट्रेट जाकर जिलाधिकारी डॉ. वीके जोगदंडे को ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों ने तत्काल भुगतान नहीं होने पर कैलास मानसरोवर यात्रा रोकने और व्यापारियों के सड़कों पर उतरने की धमकी दी है। डीएम से केएमवीएन को तत्काल भुगतान करने के लिए आदेशित करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर, उपाध्यक्ष आशीष सौन, होटल एसोसिएशन के राकेश देवलाल, संजय मल, महिला उपाध्यक्ष भावना लोहनी, टैक्सी यूनियन के दीपक लुंठी और विपिन पंत शामिल थे।
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