विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डल झील की तर्ज पर विकसित हाेगी भीमताल झील, बनेगा म्यूजिकल फाउंटेन व रेस्टोरेंट

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Mon, 16 Sep 2019 08:41 AM (IST)Updated: Tue, 17 Sep 2019 11:04 AM (IST)

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर भीमताल झील की खूबसूरती पर चार चांद लगेंगे। कुमाऊं की सबसे बड़ी इस झील में श्रीनगर ...और पढ़ें

डल झील की तर्ज पर विकसित हाेगी भीमताल झील, बनेगा म्यूजिकल फाउंटेन व रेस्टोरेंट
डल झील की तर्ज पर विकसित हाेगी भीमताल झील, बनेगा म्यूजिकल फाउंटेन व रेस्टोरेंट

हल्द्वानी, गणेश जोशी : प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर भीमताल झील की खूबसूरती पर चार चांद लगेंगे। कुमाऊं की सबसे बड़ी इस झील में श्रीनगर की डल झील की तरह म्यूजिकल फाउंटेन पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। साथ ही इस झील के बीचों बीच खूबसूरत रेस्टोरेंट भी बनेगा। राज्य सरकार के निर्देश पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जिला प्रशासन ने रोडमैप तैयार कर लिया है। 

50 करोड़ रुपये होंगे खर्च 
जिला प्रशासन की ओर तैयार रोडमैप के आधार पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार रूप देने के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान लगाया गया है। इस परियोजना में छोटे-छोटे तमाम महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं। जिनके लिए बड़े बजट की जरूरत है।

फाउंटेन के निकट बनेंगे कैफेटेरिया
झील में म्यूजिकल फाउंटेन के निकट कैफेटेरिया व रेस्टोरेंट बनाने का प्रस्ताव है। इस रेस्टोरेंट को तमाम खूबियों से सुसज्जित करने के सुझाव दिए गए हैं। जिससे कि पर्यटकों को अधिक आकर्षित किया जा सके।

नौकुचियाताल से भीमताल तक बने पर्यटक मार्ग
भीमताल से नौकुचियाताल तक चार किलोमीटर मार्ग अव्यवस्थित रहता है। यहां पर्यटक क्या स्थानीय निवासी भी ठीक से नहीं चल सकता है। जिला प्रशासन ने नई परियोजना में इस ट्रैक को बेहद खूबसूरत बनाने और झील की तरफ आकर्षक लाइटिंग से सजाने का प्लान तैयार किया है। इस मार्ग को विकसित करने का उद्देश्य है कि पर्यटक पैदल चलकर भीमताल की प्राकृतिक झील का भरपूर आनंद उठा सकें।

होटलों के नीचे दीवारों पर लगी रंग-बिरंगी लाइटिंग
जिले के एक अधिकारी के अनुसार, होटलों व रेस्तराओं के नीचे की दीवारों को भी आकर्षक बनाया जा सके, इसके लिए प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि इन दीवारों पर भी रंग-बिरंगी डिजाइनिंग के साथ ही लाइटिंग की जाए। परंपरागत शैली का इस्तेमाल हो। जिससे पर्यटक दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी झील के आसपास के वातावरण का लुत्फ उठा सके।

बॉटनिकल गार्डन की तरह विकसित हो आसपास का क्षेत्र
पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए और भी तमाम विकल्प सुझाए गए हैं। जैसे कि आसपास के जंगल को बॉटनिकल गार्डन की तरह विकसित किया जाए। इसके अलावा एरिएशन के प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया गया है।

यह भी पढ़ें : छह माह बाद बदलेगी शनि की दिशा, आपदा से निजात और व्यापार को मिलेगा बल
यह भी पढ़ें : आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने केंद्र से मिली 25 हजार जुर्माने की रकम पीएम राहत कोष में दी

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।